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चंद्रा टाइम्स

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Saharsa News : सहरसा में LPG संकट पर प्रशासन सख्त, 72 घंटे में बैकलॉग खत्म करने का निर्देश: अभिषेक सिंह




सहरसा में रसोई गैस आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए व्यापक समीक्षा की है। 28 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में संचालित गैस एजेंसियों—Indian Oil Corporation (Indane), Bharat Petroleum Corporation Limited (BharatGas) और Hindustan Petroleum Corporation Limited (HP Gas)—की आपूर्ति श्रृंखला और लंबित बुकिंग की स्थिति का आकलन किया गया। समीक्षा में सामने आया कि जिले में गैस रिफिल की लंबित बुकिंग (बैकलॉग) चिंताजनक स्तर तक पहुंच गई है, जिसके बाद प्रशासन ने तेल कंपनियों के अधिकारियों और स्थानीय वितरकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।

आंकड़ों के अनुसार, इंडेन (IOC) के तहत सबसे अधिक 9,752 रिफिल बुकिंग लंबित हैं, जबकि HP गैस में 6,035 और भारत गैस में 4,402 बुकिंग लंबित पाई गईं। कई प्रमुख एजेंसियों में बैकलॉग की स्थिति अधिक गंभीर बताई गई है। वहीं, सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से मिली शिकायतों में उपभोक्ताओं ने एजेंसी संचालकों पर टालमटोल और देरी के आरोप लगाए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि उपभोक्ता समस्याओं की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



इस बीच वरीय उप समाहर्ता अभिषेक सिंह ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्तमान में पूरे देश और बिहार में एलपीजी संकट की स्थिति बनी हुई है, जिसे देखते हुए जिले में प्रतिदिन सभी एजेंसियों की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि तीन प्रमुख कंपनियों में इंडेन के पास करीब 9700, एचपी के पास 6000 और भारत गैस के पास लगभग 4000 बैकलॉग लंबित हैं। इसके मुकाबले उपलब्ध स्टॉक में इंडेन के पास लगभग 1800, एचपी के पास 2600 और भारत गैस के पास 2000 से अधिक सिलेंडर मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी मात्रा में सिलेंडर का लोड ट्रांजिट में है, जिससे आने वाले दिनों में उपलब्धता और बेहतर होगी।

उन्होंने आगे बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी एजेंसी संचालकों से प्रतिदिन डिलीवरी और लंबित बुकिंग का प्रतिवेदन लिया जा रहा है। जिन एजेंसियों में पांच दिन से अधिक का बैकलॉग है, उन्हें अगले 72 घंटे के भीतर इसे कम करने का सख्त निर्देश दिया गया है। साथ ही सभी आपूर्ति निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर से समय पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित कराएं।

हालांकि, स्टॉक की स्थिति को लेकर प्रशासन ने राहत की बात कही है। वर्तमान में इंडेन के पास 1833, HP के पास 2625 और भारत गैस के पास 2008 सिलेंडर का ओपनिंग स्टॉक उपलब्ध है, जबकि ट्रांजिट में भी पर्याप्त आपूर्ति बताई गई है। इसके बावजूद वितरण में देरी को गंभीर लापरवाही मानते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

जिला प्रशासन ने निर्देश दिया है कि जिन एजेंसियों के पास बैकलॉग दिन (PB Days) 5 से अधिक हैं, वे 72 घंटे के भीतर आपूर्ति सामान्य करें। साथ ही अधिकारियों को एजेंसियों का औचक निरीक्षण कर “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा, Indian Oil Corporation के एरिया मैनेजर से सीधे संवाद कर तकनीकी बाधाओं को तुरंत दूर करने का निर्देश दिया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को एक सप्ताह से अधिक इंतजार न करना पड़े।

प्रशासन ने कालाबाजारी और कृत्रिम कमी पैदा करने वालों के खिलाफ कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि ऐसे मामलों में Essential Commodities Act के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने आम जनता को आश्वस्त किया है कि जिले में गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुचारु बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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