बिहार में हवाई सेवाओं के विस्तार को लेकर केंद्र और राज्य स्तर पर बड़ी पहल शुरू हो गई है। मंगलवार को नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के कई प्रमुख एयरपोर्ट के विकास, रनवे विस्तार और नए क्षेत्रों को हवाई सेवा से जोड़ने को लेकर अहम फैसले लिए गए। बैठक में संजय झा ने बिहार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू के साथ हुई बैठक में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। बैठक में पटना, दरभंगा, गया और पूर्णिया एयरपोर्ट के विकास के साथ-साथ छोटे शहरों में हवाई सेवा शुरू करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
पटना एयरपोर्ट के रनवे विस्तार पर सहमति
बैठक में जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के रनवे को करीब 300 मीटर तक बढ़ाने पर सहमति बनी। इसके साथ एयरपोर्ट पर सिंपल एप्रोच लाइट लगाने की योजना पर भी चर्चा हुई। इसके लिए राज्य सरकार से लगभग 49 एकड़ अतिरिक्त जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। माना जा रहा है कि इससे विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगी।
दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी
दरभंगा हवाई अड्डा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। रनवे को 12 हजार फीट तक विस्तारित करने की योजना पर काम तेज कर दिया गया है। इसके लिए करीब 90 एकड़ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले दो सप्ताह में यह जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सौंपे जाने की संभावना है।
बताया गया कि इस परियोजना को लेकर रक्षा मंत्रालय के साथ भी जल्द बैठक होगी। दरभंगा से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने पर मिथिला और उत्तर बिहार के लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
पूर्णिया एयरपोर्ट पर बनेगा नया टर्मिनल
पूर्णिया हवाई अड्डा के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है। यहां स्थायी टर्मिनल भवन निर्माण के लिए जल्द टेंडर जारी किया जाएगा। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में इस एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होगी।
गया एयरपोर्ट विस्तार से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के रनवे विस्तार पर भी चर्चा हुई। केंद्र सरकार ने अतिरिक्त जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। अधिकारियों का मानना है कि गया एयरपोर्ट के विस्तार से बौद्ध पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को नई गति मिलेगी।
राजगीर और सुल्तानगंज भी एविएशन मैप पर आएंगे
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राजगीर को एविएशन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में भी तैयारी की जाएगी। बौद्ध सर्किट और धार्मिक स्थलों तक हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
वहीं सुल्तानगंज एयरपोर्ट परियोजना की प्रारंभिक व्यवहार्यता रिपोर्ट को सकारात्मक बताया गया है। इससे भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुल सकती हैं।
सहरसा समेत छोटे शहरों से भी शुरू होगी विमान सेवा
सरकार ने सहरसा हवाई अड्डा, बीरपुर, वाल्मीकिनगर और मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट से छोटे विमानों की सेवा शुरू करने पर भी सहमति दी है। इसके लिए जून 2026 तक टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। माना जा रहा है कि इससे छोटे शहरों के लोगों को भी हवाई यात्रा की बेहतर सुविधा मिल सकेगी और क्षेत्रीय विकास को नया बल मिलेगा।
0 Comments