सहरसा। व्यवहार न्यायालय, सहरसा परिसर में आगामी 09 मई 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सहरसा द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। न्यायालय परिसर में लगाए गए सूचना पत्र एवं बैनरों के माध्यम से आम लोगों को लोक अदालत के फायदे और उसमें निपटाए जाने वाले मामलों की जानकारी दी जा रही है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सहरसा के सचिव संजय कुमार सरोज ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लोगों के छोटे-छोटे एवं लंबे समय से लंबित विवादों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित निष्पादन करना है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोग इसमें सहभागी होकर अपने मामलों का निपटारा कराएं, ताकि उन्हें सरल और सुलभ न्याय मिल सके।

उन्होंने बताया कि लोक अदालत में सुलहनीय एवं कंपाउंडेबल मामलों का निपटारा किया जाएगा। इसमें एनआई एक्ट से संबंधित चेक बाउंस के मामले, मोटर दुर्घटना दावा वाद (MACT), बैंक ऋण वसूली, बिजली-पानी एवं टेलीफोन बिल विवाद, छोटे सिविल मामले, राजस्व एवं भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवाद, श्रम विभाग, वन विभाग तथा नाप-तौल विभाग से संबंधित मामले शामिल हैं। तलाक मामलों को छोड़कर वैवाहिक विवादों का भी निष्पादन किया जाएगा। इस बार ट्रैफिक चालान से संबंधित मामलों का भी निपटारा लोक अदालत में किया जाएगा।

सचिव संजय कुमार सरोज ने कहा कि लोक अदालत में मामलों का निपटारा बेहद सरल प्रक्रिया के तहत किया जाता है। इसमें कोर्ट फीस नहीं लगती, किसी पक्ष को सजा नहीं होती और बातचीत एवं आपसी सहमति से विवाद खत्म किए जाते हैं। साथ ही फैसले अंतिम होते हैं और इनके विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं रहता।

उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नालसा, बालसा एवं डालसा की इस पहल को सफल बनाने में सहयोग करें और समय, श्रम तथा पैसे की बचत के लिए लोक अदालत में आकर अपने मामलों का निष्पादन कराएं। उन्होंने कहा कि विशेष जानकारी के लिए लोग टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर सकते हैं या सीधे जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय पहुंचकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

संजय कुमार सरोज ने मीडिया से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोगों तक इस अभियान का प्रचार-प्रसार हो, ताकि ज्यादा संख्या में मामलों का निष्पादन संभव हो सके।