बिहार में आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या ग्राम पंचायत के मुखिया के पास आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन या सेविका पर कार्रवाई करने का अधिकार है? इसको लेकर कई जगहों पर भ्रम की स्थिति देखने को मिलती है। ऐसे में पंचायत और आंगनबाड़ी की प्रशासनिक व्यवस्था को समझना जरूरी है।
आंगनबाड़ी केंद्र समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित ICDS (Integrated Child Development Services) व्यवस्था का हिस्सा है। आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, सेविका-सहायिका से जुड़े विभागीय मामलों और निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित ICDS प्रशासनिक व्यवस्था के तहत होती है।
प्रखंड स्तर पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) महत्वपूर्ण अधिकारी होते हैं, जबकि आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी के लिए महिला पर्यवेक्षिका की भूमिका होती है। सेविका और सहायिका से संबंधित विभागीय कार्रवाई भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा की जाती है।
क्या मुखिया आंगनबाड़ी सेविका को हटा सकते हैं?
सामान्य स्थिति में ग्राम पंचायत के मुखिया को आंगनबाड़ी सेविका को सीधे हटाने, निलंबित करने या उनकी नियुक्ति समाप्त करने का अधिकार नहीं होता। ऐसी कार्रवाई संबंधित विभागीय नियमों और सक्षम ICDS अधिकारी की प्रक्रिया के तहत होती है।
हालांकि, ग्राम पंचायत और मुखिया की भूमिका पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती। पंचायत स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़े स्थानीय विकास कार्य, भवन, आधारभूत सुविधाओं तथा अन्य पंचायत संबंधी मामलों में पंचायत की भूमिका परिस्थितियों और लागू नियमों के अनुसार हो सकती है।
शिकायत होने पर क्या कर सकते हैं मुखिया?
यदि किसी आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन में अनियमितता, बच्चों को मिलने वाली सेवाओं में कमी, केंद्र के समय पर नहीं खुलने या अन्य समस्या की शिकायत है, तो मुखिया संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दे सकते हैं और मामले के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर पहल कर सकते हैं।
लेकिन शिकायत करना और विभागीय कार्रवाई करना दो अलग-अलग बातें हैं। मुखिया किसी मामले को संबंधित CDPO या अन्य सक्षम अधिकारी के संज्ञान में ला सकते हैं, जबकि कार्रवाई विभागीय नियमों के अनुसार सक्षम अधिकारी द्वारा की जाती है।
पंचायत और ICDS की जिम्मेदारी अलग-अलग
ग्राम पंचायत स्थानीय स्वशासन की महत्वपूर्ण इकाई है, जबकि आंगनबाड़ी केंद्र ICDS की सेवा व्यवस्था का हिस्सा है। इसलिए दोनों संस्थाओं के बीच सहयोग और समन्वय जरूरी है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि आंगनबाड़ी केंद्र सीधे मुखिया के प्रशासनिक नियंत्रण में है।
यानी सरल शब्दों में कहा जाए तो आंगनबाड़ी केंद्र गांव में स्थित जरूर है, लेकिन उसका विभागीय नियंत्रण सीधे ग्राम पंचायत के मुखिया के अधीन नहीं है। किसी सेविका के खिलाफ कार्रवाई या सेवा संबंधी निर्णय के लिए निर्धारित ICDS प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक है।
चंद्रा टाइम्स की अपील: यदि किसी पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्र को लेकर विवाद है, तो स्थानीय स्तर पर टकराव के बजाय संबंधित CDPO/ICDS अधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत या आवेदन देना उचित होगा, ताकि मामले की जांच नियमों के अनुसार हो सके।
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