सहरसा में 31 अक्टूबर से सजेगा राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला, पटेल मैदान में मिलेंगे देशभर के स्वदेशी उत्पाद
Saharsa Handicraft Fair 2026: लखनऊ के चिकन वर्क से मधुबनी पेंटिंग तक, खरीदारी और मनोरंजन का मिलेगा मौका
Saharsa Handicraft Fair 2026 में देश के अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक हस्तशिल्प, कपड़े, घरेलू सजावटी सामान और स्वदेशी उत्पाद एक ही जगह देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा। आयोजकों ने बच्चों के मनोरंजन और खान-पान के लिए भी स्टॉल लगाने की तैयारी की है।
गरीब, महिला और ग्रामीण कारीगरों को मिलेगा मंच
मेले के संयोजक सुधीर शर्मा के अनुसार, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य गरीब, महिला, दलित और पिछड़े वर्ग के हस्तशिल्पियों तथा छोटे उद्यमियों को अपने उत्पादों की बिक्री और हुनर के प्रदर्शन के लिए मंच उपलब्ध कराना है।
ग्रामीण इलाकों के कई कारीगरों को अपने उत्पादों के लिए सीधे खरीदारों तक पहुंचने का अवसर नहीं मिल पाता। ऐसे आयोजन उन्हें अपने काम की पहचान बनाने और बाजार तक पहुंच बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। वहीं, सहरसा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को विभिन्न राज्यों के पारंपरिक उत्पाद एक ही स्थान पर देखने और खरीदने का मौका मिलेगा।
लखनऊ का चिकन वर्क, बनारसी साड़ी और जयपुर के परिधान
Saharsa Mela 2026 में कपड़ों और पारंपरिक परिधानों की खरीदारी करने वालों के लिए कई राज्यों के उत्पाद उपलब्ध रहने की जानकारी दी गई है। इनमें लखनऊ का प्रसिद्ध चिकन वर्क, बनारस की रेशमी साड़ियां और सूट, जयपुर के लहंगे व कुर्तियां, दिल्ली की ब्लॉक प्रिंट कुर्तियां और गुजरात के बंधेज सूट शामिल हैं।
मधुबनी पेंटिंग से जूट बैग तक, कई उत्पाद होंगे आकर्षण
घरेलू जरूरतों और सजावट से जुड़े उत्पादों में भदोही की कालीन, सहारनपुर का नक्काशीदार फर्नीचर, असम के बांस के सामान, फिरोजाबाद की कांच की चूड़ियां, हरियाणा की चादरें और बेडशीट तथा कानपुर के लेदर बैग शामिल होंगे।
इसके अलावा राजस्थान के अचार और पाचन चूर्ण, भागलपुर के सिल्क व चादरें, मधुबनी की खादी एवं मिथिला पेंटिंग, बंगाल की फैंसी चप्पलें और जूट बैग भी मेले में उपलब्ध रहने की जानकारी दी गई है। खादी ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पाद, औषधीय वस्त्र, आयुर्वेदिक दवाइयां और पानी के बिना चलने वाले कूलर का स्टॉल भी आकर्षण का हिस्सा होगा।
बच्चों के लिए झूले, खिलौने और खान-पान के स्टॉल
पटेल मैदान में आयोजित होने वाला यह मेला खरीदारी के साथ परिवार के मनोरंजन का अवसर भी देगा। आयोजकों की ओर से बच्चों के लिए रंग-बिरंगे झूले और खिलौनों की दुकानें लगाने की तैयारी की जा रही है। मेले में खान-पान के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
इससे परिवार के लोग एक ही जगह पर खरीदारी, खान-पान और बच्चों के मनोरंजन का आनंद ले सकेंगे। मेले के संयोजक सुधीर शर्मा ने सहरसा और आसपास के क्षेत्र के लोगों से परिवार सहित पहुंचने तथा स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी कर कारीगरों को प्रोत्साहित करने की अपील की है।
31 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चलेगा सहरसा हस्तशिल्प मेला
आयोजकों के मुताबिक, राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले का आयोजन 31 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। इसके लिए पटेल मैदान में टेंट और शामियाने लगाने के साथ साफ-सफाई का काम जारी है।
आयोजन से जुड़ी जानकारी के अनुसार, सुरक्षा, बिजली, पेयजल और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था की तैयारी भी की जा रही है। मेले के प्रवेश शुल्क, प्रतिदिन खुलने और बंद होने के समय तथा औपचारिक उद्घाटन की विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
सहरसा में लगने वाला यह मेला विभिन्न राज्यों की हस्तशिल्प परंपराओं को करीब से जानने और छोटे कारीगरों के उत्पादों तक पहुंच बनाने का अवसर देगा। अब शहरवासियों की नजरें 31 अक्टूबर पर हैं, जब पटेल मैदान में मेले की शुरुआत होगी।
0 Comments