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चंद्रा टाइम्स

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फर्जी वीजा पर मलेशिया भेजे गए मजदूर जेल में, मानव तस्करी के कथित रैकेट की जांच की मांग



किशनगंज, 07 अक्टूबर 2026।
सीमांचल क्षेत्र के गरीब मजदूरों को विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर कथित धोखाधड़ी और मानव तस्करी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कोचाधामन क्षेत्र के कई मजदूरों को गलत या फर्जी वीजा के जरिए मलेशिया भेज दिया गया, जहां पहुंचने के बाद उन्हें अवैध प्रवास के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

मामले को लेकर जिला परिषद सदस्य इंजीनियर नासिक नदीर ने पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार से मुलाकात कर लिखित आवेदन सौंपा है। उन्होंने कथित तौर पर इस नेटवर्क में शामिल एजेंटों और मानव तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मलेशिया पहुंचने के बाद जेल भेजे गए मजदूर

जिला परिषद सदस्य ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि क्षेत्र के कई मजदूर कथित रूप से एजेंट हाजी नाहिद गनी के माध्यम से गलत या फर्जी वीजा पर मलेशिया भेजे गए। मलेशिया पहुंचने के बाद वहां के सुरक्षा बलों और इमिग्रेशन विभाग ने इन मजदूरों को कथित अवैध प्रवास के मामले में गिरफ्तार कर लिया।

बताया गया है कि कई मजदूर पिछले कई महीनों से मलेशिया की जेल में बंद हैं। इससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिजन अपने स्वजनों की सुरक्षित भारत वापसी के लिए लगातार प्रशासनिक स्तर पर प्रयास कर रहे हैं।

पहले से दर्ज मामलों का भी किया गया उल्लेख

नासिक नदीर ने अपने आवेदन में दावा किया कि मानव तस्करी से जुड़े कई मामले किशनगंज और पूर्णिया जिले के विभिन्न थानों में पहले से दर्ज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद कथित एजेंटों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है।

उन्होंने हाजी नाहिद गनी समेत कथित गिरोह के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

मजदूरों की रिहाई और सुरक्षित वापसी की मांग

जिला परिषद सदस्य ने मलेशिया की जेलों में बंद मजदूरों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने, उनकी रिहाई के प्रयास करने और सुरक्षित भारत वापसी के लिए उच्चस्तरीय पत्राचार एवं कूटनीतिक पहल करने का आग्रह किया है।

इसके साथ ही उन्होंने सीमांचल क्षेत्र में सक्रिय कथित अवैध ट्रैवल और प्लेसमेंट एजेंटों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि गरीब मजदूरों को विदेश में बेहतर रोजगार का सपना दिखाकर भेजने के बाद उन्हें संकट में छोड़ दिया जाता है। ऐसे मामलों की गंभीरता को देखते हुए पूरे कथित नेटवर्क की उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।

हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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