अक्टूबर से दिसंबर तक मनाए जाएंगे कई प्रमुख हिंदू त्योहार, जानें सभी महत्वपूर्ण तारीखें
नई दिल्ली/धार्मिक डेस्क: अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच कई प्रमुख हिंदू त्योहार मनाए जाएंगे। शरद पूर्णिमा और करवा चौथ के बाद धनतेरस, दीपावली, छठ पूजा, कार्तिक पूर्णिमा और विवाह पंचमी जैसे पर्व आएंगे। इन त्योहारों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। त्योहारों की तैयारी कर रहे लोगों के लिए तारीखों की जानकारी उपयोगी हो सकती है।
एक नजर में पांच प्रमुख बातें
अक्टूबर 2026 के प्रमुख त्योहार (October Hindu Festivals)
शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima 2026)
शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की पूजा और खीर बनाने की परंपरा है। यह पर्व हिंदू धार्मिक परंपराओं में विशेष स्थान रखता है।
करवा चौथ (Karwa Chauth 2026)
करवा चौथ पर विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं।
नवंबर 2026 के प्रमुख त्योहार (November Hindu Festivals)
धनतेरस (Dhanteras 2026)
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा और परंपरागत खरीदारी का विशेष महत्व माना जाता है। यह दीपावली से जुड़े प्रमुख त्योहारों में शामिल है।
दीपावली (Diwali 2026)
दीपावली पर घरों में दीप जलाए जाते हैं और लक्ष्मी-गणेश की पूजा की जाती है। रोशनी, सजावट और खुशियों से जुड़ा यह पर्व देशभर में उत्साह के साथ मनाया जाता है।
छठ पूजा (Chhath Puja 2026)
बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छठ पूजा का विशेष महत्व है। इस पर्व में सूर्यदेव और छठी मैया की उपासना की जाती है। श्रद्धालु सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा की परंपरा निभाते हैं।
देव दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा (Dev Deepawali 2026)
कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान, दान और दीपदान की परंपरा है। वाराणसी की देव दीपावली विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जब गंगा घाटों पर दीप जलाए जाते हैं।
दिसंबर 2026 का प्रमुख त्योहार (December Hindu Festival)
विवाह पंचमी (Vivah Panchami 2026)
विवाह पंचमी भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह की स्मृति में मनाई जाती है। इस अवसर पर धार्मिक आयोजन और पूजा-पाठ किए जाते हैं।
त्योहारों की तारीख जानना क्यों जरूरी?
त्योहारों की तारीख पहले से पता होने पर लोग पूजा-पाठ, पारिवारिक कार्यक्रम और अन्य तैयारियां बेहतर ढंग से कर सकते हैं। हालांकि, कुछ त्योहारों की तिथि क्षेत्रीय पंचांग और स्थानीय धार्मिक परंपराओं के अनुसार अलग हो सकती है। पूजा का शुभ मुहूर्त जानने के लिए स्थानीय पंचांग देखना उचित रहेगा।
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