सहरसा में PM RAHAT योजना को लेकर बैठक, सड़क हादसे में घायलों को मिलेगा ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज
सिविल सर्जन कार्यालय में संयुक्त बैठक-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम, अस्पतालों को समय पर उपचार और ऑनलाइन प्रविष्टि का निर्देश
सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर इलाज मिले और आर्थिक परेशानी के कारण उपचार में देरी न हो, इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री राहत (PM RAHAT) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को सहरसा के सिविल सर्जन कार्यालय में संयुक्त बैठक-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैठक में अस्पतालों को दुर्घटना पीड़ितों का समय पर उपचार सुनिश्चित करने, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन प्रविष्टि करने और योजना की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
सात दिनों तक कैशलेस उपचार का प्रावधान
योजना के निर्धारित नियमों, उपचार पैकेज और संबंधित अस्पताल की विशेषज्ञता में सूचीबद्धता के अनुसार सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को उपचार की सुविधा मिल सकती है।
सिविल सर्जन और जिला परिवहन पदाधिकारी ने की संयुक्त अध्यक्षता
बैठक की संयुक्त अध्यक्षता सिविल सर्जन, सहरसा डॉ. राज नारायण प्रसाद और जिला परिवहन पदाधिकारी श्री सुजीत कुमार बरनवाल ने की। कार्यक्रम के दौरान PM RAHAT योजना के प्रावधानों, घायल व्यक्ति के उपचार की प्रक्रिया, ऑनलाइन पंजीकरण तथा दुर्घटना पीड़ितों को योजना का लाभ उपलब्ध कराने से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने संबंधित अस्पतालों को निर्देश दिया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के इलाज में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उपचार और पोर्टल पर जरूरी प्रविष्टि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरी की जाए, ताकि पात्र दुर्घटना पीड़ित को योजना का लाभ मिल सके।
PM RAHAT योजना: ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज कैसे मिलेगा?
प्रधानमंत्री राहत योजना (Pradhan Mantri Rahat Scheme) के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अधिकतम ₹1,50,000 तक का कैशलेस उपचार सात दिनों तक उपलब्ध कराने का प्रावधान बताया गया। योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को जल्द चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना और पैसों की कमी के कारण इलाज शुरू होने में होने वाली देरी को रोकना है।
उपचार के लिए जरूरी प्रक्रिया
योजना के तहत लाभ संबंधित उपचार विशेषज्ञता में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध सरकारी या निजी अस्पताल में, निर्धारित प्रक्रिया और उपचार पैकेज के अनुसार दिया जाएगा। अस्पताल को TMS पोर्टल पर घायल व्यक्ति की प्रविष्टि करते हुए उपचार संबंधी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आयुष्मान कार्ड नहीं है, तब भी मिल सकता है लाभ
बैठक में स्पष्ट किया गया कि PM RAHAT योजना का लाभ केवल आयुष्मान भारत योजना के मौजूदा लाभार्थियों तक सीमित नहीं है। निर्धारित शर्तों के तहत सड़क दुर्घटना में घायल किसी भी व्यक्ति को इसका लाभ मिल सकता है। इसके लिए संबंधित अस्पताल का उस उपचार विशेषज्ञता के लिए आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध होना जरूरी है।
अधिकारियों ने कहा कि उपचार शुरू करने के लिए किसी विशेष दस्तावेज की अनिवार्य मांग करके चिकित्सा सुविधा में अनावश्यक देरी नहीं की जानी चाहिए। बेहोशी की स्थिति में लाए गए अज्ञात घायल व्यक्ति के मामले में भी नियमानुसार आवश्यक प्रविष्टि करते हुए उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। प्राथमिकता घायल की जान बचाने और उसे समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की है।
स्वास्थ्य, परिवहन और पुलिस विभाग में समन्वय पर जोर
PM RAHAT योजना को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई गई। संबंधित अस्पतालों को उपचार, TMS पोर्टल पर ऑनलाइन प्रविष्टि और निर्धारित प्रक्रिया के अनुपालन में अनावश्यक विलंब नहीं करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों को अपने परिसर के बाहर PM RAHAT योजना की जानकारी देने वाला सूचना-पट्ट या फ्लेक्स लगाने को कहा गया, ताकि सड़क दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिजनों तक योजना की जानकारी पहुंच सके।
सहरसा के सात सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के नाम
जिला परिवहन कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सहरसा जिले में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध निम्नलिखित सात निजी अस्पतालों में संबंधित विशेषज्ञता की सूचीबद्धता के आधार पर PM RAHAT योजना के तहत उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है।
- लॉर्ड बुद्धा कोशी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बैजनाथपुर, सहरसा।
- श्री नारायण मेडिकल इंस्टीट्यूट एवं अस्पताल, भेड़धरी, सहरसा।
- गंगा हॉस्पिटल, रिफ्यूजी कॉलोनी, सहरसा।
- S.R.B. हॉस्पिटल, रिफ्यूजी कॉलोनी, सहरसा।
- सूर्या हॉस्पिटल, गांधी पथ, सहरसा।
- नयन ज्योति नेत्र चिकित्सा केंद्र प्राइवेट लिमिटेड, रिफ्यूजी कॉलोनी, सहरसा।
- प्रांजल श्री हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री सुजीत कुमार बरनवाल, मोटरयान निरीक्षक सहरसा, जिला कार्यक्रम समन्वयक आयुष्मान भारत श्री हेनरी टर्नर, सरकारी अस्पतालों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक और आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में शामिल पदाधिकारियों और अस्पताल प्रतिनिधियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में आपसी सहयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की। अधिकारियों के अनुसार, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर उपचार उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण मानवीय दायित्व है। योजना के बारे में आम लोगों को जागरूक करने और पात्र दुर्घटना पीड़ितों तक इसका लाभ पहुंचाने में संबंधित संस्थानों की सक्रिय भूमिका जरूरी है।
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