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चंद्रा टाइम्स

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सहरसा रेलवे स्टेशन से दो संदिग्ध गिरफ्तार, लापता व्यक्ति का मोबाइल बरामद; नशाखुरानी गिरोह से जुड़े होने का शक

सहरसा: बिहार के सहरसा रेलवे स्टेशन से शनिवार को पुलिस ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राधे श्याम और राजू शिल्पकार के रूप में बताई गई है। पुलिस के अनुसार, दोनों के पास से मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनमें एक मोबाइल फोन सहरसा से लापता व्यक्ति का बताया जा रहा है। इस बरामदगी के बाद लापता व्यक्ति के मामले में जांच को अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार राधे श्याम, अर्जुन राम के पुत्र हैं और उनका घर जिला आजमगढ़ (UP) बताया गया है। वहीं, दूसरे आरोपी राजू शिल्पकार , रामप्रताप के पुत्र हैं। उनका पता टीपारोड, थाना लुधियाना, जिला गोंडा बताया गया है। दोनों के पते और अन्य विवरणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के दौरान की जानी है।

एसआई रौशन कुमार ने की गिरफ्तारी

बताया गया है कि शनिवार को सहरसा रेलवे स्टेशन से एसआई रौशन कुमार ने दोनों को गिरफ्तार किया। सदर थानाध्यक्ष अजय पासवान के अनुसार, दोनों बाहर से आकर नशाखुरानी जैसी गतिविधियों में संलिप्त रहते हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया है।

17 सितंबर से लापता हैं मो. इंतेकाबुल उर्फ पिट्टू

इस मामले का संबंध सहरसा के हकपाड़ा निवासी मो. इंतेकाबुल उर्फ पिट्टू के लापता होने से जुड़ा बताया जा रहा है। उनकी पत्नी अजमती परवीन ने 24 सितंबर 2026 को सदर थाना, सहरसा में आवेदन देकर पति के लापता होने की शिकायत की थी।

आवेदन के मुताबिक, मो. इंतेकाबुल पंजाब में एक सिलाई दुकान पर मजदूरी करते थे। वह 16 सितंबर 2026 को पंजाब के व्यास रेलवे स्टेशन से जन साधारण एक्सप्रेस ट्रेन में सहरसा के लिए रवाना हुए थे। परिवार के अनुसार, वह 17 सितंबर की रात करीब आठ बजे सहरसा रेलवे स्टेशन पहुंचे, लेकिन इसके बाद घर नहीं लौटे।

परिजनों ने बताया कि यात्रा के दौरान उनका मोबाइल फोन भी बंद हो गया था। काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका।

पत्नी ने जताई थी अपहरण और अनहोनी की आशंका

अपने आवेदन में अजमती परवीन ने आशंका जताई थी कि रेलवे स्टेशन से घर लौटने के दौरान उनके पति के साथ कोई अनहोनी हुई हो सकती है। उन्होंने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने, मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अंतिम टावर लोकेशन की जांच कराने तथा पति की सकुशल बरामदगी के लिए कार्रवाई की मांग की थी।

आवेदन में उन्होंने अपहरण और हत्या की आशंका भी जताई थी। हालांकि, इन आशंकाओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मोबाइल बरामदगी से जांच को मिल सकता है सुराग

पुलिस की कार्रवाई के दौरान लापता व्यक्ति का मोबाइल बरामद होने की जानकारी सामने आई है। अब जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि बरामद मोबाइल का संबंध लापता व्यक्ति से किस प्रकार है और घटना के पीछे किन परिस्थितियों की भूमिका रही है।

फिलहाल, मो. इंतेकाबुल उर्फ पिट्टू के लापता होने के मामले में आगे की जांच और उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

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