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बिहार में न्यूनतम मजदूरी बढ़ी, 3.5 करोड़ से अधिक कामगारों को राहत; अब शिक्षक-नर्स समेत किसे मिलेगी कितनी सैलरी?

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बिहार में न्यूनतम मजदूरी 7 से 10 रुपये तक बढ़ी, 3.5 करोड़ से अधिक कामगारों को फायदा; जानें अब कितनी मिलेगी मजदूरी

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बिहार में न्यूनतम मजदूरी 7 से 10 रुपये तक बढ़ी 3.5 करोड़ से अधिक कामगारों को होगा फायदा नई दरें 1 अक्टूबर से प्रभावी होंगी शिक्षक और नर्स को कम से कम 17,732 रुपये मासिक शिकायत सही मिलने पर नियोक्ता पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना बिहार में न्यूनतम मजदूरी 7 से 10 रुपये तक बढ़ी 3.5 करोड़ से अधिक कामगारों को होगा फायदा नई दरें 1 अक्टूबर से प्रभावी होंगी शिक्षक और नर्स को कम से कम 17,732 रुपये मासिक शिकायत सही मिलने पर नियोक्ता पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना

Bihar Minimum Wages Hike: बिहार सरकार ने राज्य के संगठित और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बड़ी राहत देते हुए न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की है। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की नई अधिसूचना के अनुसार, अलग-अलग कौशल श्रेणियों के श्रमिकों की दैनिक मजदूरी में 7 रुपये से 10 रुपये तक की वृद्धि की गई है। नई दरें 1 अक्टूबर से प्रभावी मानी जाएंगी। इस फैसले से राज्य के साढ़े तीन करोड़ से अधिक कामगारों को लाभ मिलने की बात कही गई है।

पटना में जारी इस फैसले के तहत अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और अतिकुशल श्रेणी के कर्मचारियों के लिए अलग-अलग मजदूरी वृद्धि निर्धारित की गई है। खास बात यह है कि सरकार ने शिक्षक, नर्स और अन्य अतिकुशल कामगारों को भी न्यूनतम मजदूरी के दायरे में शामिल किया है। इसके साथ ही कृषि कार्यों से जुड़े श्रमिकों और ट्रैक्टर चालक, पंप ऑपरेटर जैसे कर्मचारियों की मजदूरी में भी संशोधन किया गया है।

3.5 करोड़+ लाभ पाने वाले कामगार
₹7–₹10 प्रतिदिन मजदूरी में बढ़ोतरी
1 अक्टूबर नई दरों की प्रभावी तिथि
₹50,000 नियम उल्लंघन पर संभावित जुर्माना

बिहार में चार श्रेणियों के कामगारों की बढ़ी न्यूनतम मजदूरी

बिहार सरकार ने कामगारों को उनके काम की प्रकृति और कौशल के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा है। नई अधिसूचना में हर श्रेणी के लिए अलग-अलग दैनिक मजदूरी वृद्धि तय की गई है। अकुशल और अर्धकुशल श्रमिकों को प्रतिदिन 7 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे, जबकि कुशल और अतिकुशल श्रेणी के कर्मचारियों को क्रमशः 9 रुपये और 10 रुपये की बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा।

विभाग के वर्गीकरण के अनुसार, अकुशल श्रेणी में 31 तरह के कामगार, अर्धकुशल श्रेणी में 40 तरह के कामगार, कुशल श्रेणी में 50 तरह के कामगार और अतिकुशल श्रेणी में 21 तरह के कामगार शामिल हैं।

किस श्रेणी में कितनी बढ़ी मजदूरी? पूरी जानकारी

कामगारों की श्रेणी काम के प्रकार दैनिक बढ़ोतरी
अकुशल (Unskilled) 31 ₹7
अर्धकुशल (Semi-skilled) 40 ₹7
कुशल (Skilled) 50 ₹9
अतिकुशल (Highly skilled) 21 ₹10
महत्वपूर्ण जानकारी: सबसे अधिक बढ़ोतरी अतिकुशल श्रेणी के कामगारों के लिए की गई है। इन्हें अब पहले की तुलना में प्रतिदिन 10 रुपये अधिक न्यूनतम मजदूरी मिलेगी।

1 अक्टूबर से लागू होंगी बिहार की नई न्यूनतम मजदूरी दरें

श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की ओर से न्यूनतम मजदूरी दरों में साल में दो बार संशोधन किया जाता है। सामान्य व्यवस्था के तहत नई दरें प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर से लागू होती हैं।

इस बार तकनीकी कारणों से विभाग 1 अक्टूबर से पहले नई न्यूनतम मजदूरी दरों की घोषणा नहीं कर सका था। हालांकि, मंगलवार को जारी अधिसूचना में संशोधित दरों को 1 अक्टूबर से ही प्रभावी माना गया है। इस तरह अधिसूचना जारी होने की तारीख और नई दरों के लागू होने की तारीख अलग-अलग हैं।

शिक्षक और नर्स को भी कम से कम 17,732 रुपये मासिक वेतन

बिहार सरकार के इस फैसले में एक अहम बदलाव यह है कि सभी श्रेणियों के कामगारों को न्यूनतम मजदूरी के दायरे में लाया गया है। अब शिक्षक, नर्स और अन्य अतिकुशल श्रेणी के कर्मचारियों को भी निर्धारित न्यूनतम मजदूरी देना अनिवार्य होगा।

विभाग के मुताबिक, शिक्षक और नर्स जैसे अतिकुशल कामगारों को कम से कम 17,732 रुपये मासिक वेतन देना होगा। इसका दायरा निजी स्कूलों और अस्पतालों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों तक भी लागू होता है।

मासिक न्यूनतम वेतन:
₹17,732
शिक्षक और नर्स जैसे अतिकुशल श्रेणी के कामगारों के लिए विभाग द्वारा बताई गई न्यूनतम मासिक मजदूरी।

विभाग ने यह भी कहा है कि बिहार के कई निजी स्कूलों और अस्पतालों में न्यूनतम मजदूरी से जुड़े नियमों का पालन नहीं हो रहा है। ऐसे संस्थानों को निर्धारित न्यूनतम वेतन देना होगा। सरकार की ओर से सभी पात्र कामगारों को इस व्यवस्था का लाभ दिलाने पर जोर दिया जा रहा है।

न्यूनतम मजदूरी नहीं मिलने पर कहां करें शिकायत?

अगर किसी कर्मचारी या श्रमिक को उसके काम और श्रेणी के अनुसार निर्धारित न्यूनतम मजदूरी नहीं मिल रही है, तो वह संबंधित विभागीय अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज करा सकता है। बिहार सरकार ने इसके लिए प्रखंड, जिला और राज्य मुख्यालय स्तर पर व्यवस्था उपलब्ध कराई है।

155214 न्यूनतम मजदूरी से जुड़ी शिकायत के लिए जारी टोल फ्री नंबर

शिकायत दर्ज कराने के प्रमुख विकल्प

  • प्रखंड स्तर पर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी से संपर्क करें।
  • जिला स्तर पर श्रम अधीक्षक के पास शिकायत दर्ज कराएं।
  • पटना के नियोजन भवन स्थित विभागीय मुख्यालय में शिकायत करें।
  • टोल फ्री नंबर 155214 पर संपर्क करें।

श्रम विभाग के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले की जांच की जाएगी। यदि जांच में यह साबित होता है कि नियोक्ता ने कामगार को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी नहीं दी है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

नियमों का उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना

बिहार सरकार ने न्यूनतम मजदूरी के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियोक्ताओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी बताया है। यदि किसी कामगार की शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित नियोक्ता पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग जल्द ही न्यूनतम मजदूरी की निगरानी के लिए एक पोर्टल लॉन्च करने जा रहा है। इसके माध्यम से मजदूरी से संबंधित व्यवस्था की निगरानी करने और कामगारों को उनका निर्धारित मेहनताना दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

कृषि मजदूरों की मजदूरी में भी हुई बढ़ोतरी

बिहार में कृषि कार्यों से जुड़े श्रमिकों के लिए भी नई मजदूरी दरें तय की गई हैं। विभाग ने कटनी कार्य को छोड़कर अन्य कृषि कार्यों की दैनिक मजदूरी में वृद्धि की है। पहले जहां इसके लिए 413 रुपये प्रतिदिन निर्धारित थे, वहीं अब इसे बढ़ाकर 419 रुपये कर दिया गया है।

कृषि कार्य/पद पुरानी दर नई दर
कटनी छोड़कर अन्य कृषि कार्य ₹413 प्रतिदिन ₹419 प्रतिदिन
ट्रैक्टर चालक और पंप ऑपरेटर ₹14,947 मासिक ₹15,180 मासिक
ट्रैक्टर खलासी ₹11,633 मासिक ₹11,814 मासिक

कटनी के काम में अनाज के रूप में मजदूरी का प्रावधान

कटनी कार्य के लिए भुगतान की व्यवस्था अन्य कृषि कार्यों से अलग रखी गई है। इसके तहत काटी गई फसल के 10 बोझों में से एक बोझा मजदूरी के रूप में देने का प्रावधान बताया गया है।

बिहार के कामगारों के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला?

न्यूनतम मजदूरी में संशोधन का लाभ बिहार के संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के पात्र कामगारों को मिलेगा। अकुशल से लेकर अतिकुशल श्रेणी तक के श्रमिकों के लिए नई दरें निर्धारित की गई हैं। कृषि मजदूरों, ट्रैक्टर चालकों, पंप ऑपरेटरों और ट्रैक्टर खलासियों की मजदूरी में भी बदलाव किया गया है।

इसके साथ ही शिक्षक और नर्स जैसे कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी के दायरे में शामिल करने तथा शिकायत मिलने पर नियोक्ताओं के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई का प्रावधान इस अधिसूचना के महत्वपूर्ण पहलू हैं। अब इस फैसले का वास्तविक लाभ कामगारों तक पहुंचाने के लिए निर्धारित मजदूरी दरों का पालन और विभागीय निगरानी अहम होगी।

बिहार में न्यूनतम मजदूरी की नई दरें 1 अक्टूबर से प्रभावी हैं। जिन पात्र कामगारों को निर्धारित दर के अनुसार भुगतान नहीं मिल रहा है, वे श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक या टोल फ्री नंबर 155214 के माध्यम से शिकायत कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य राज्य के कामगारों को उनका निर्धारित न्यूनतम मेहनताना सुनिश्चित करना है।

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