बिहार में इंजीनियर के पांच ठिकानों पर छापेमारी, 31.42 लाख कैश बरामद; 80 हजार शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की होगी जांच
बिहार में अधीक्षण अभियंता के पांच ठिकानों पर SVU की छापेमारी
बिहार की विशेष निगरानी इकाई (Special Vigilance Unit) ने बुधवार को पथ निर्माण विभाग के सहरसा अंचल में तैनात अधीक्षण अभियंता बिजय उर्फ विजय कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीम ने एक साथ उनके पांच ठिकानों पर छापेमारी की।
यह कार्रवाई पटना के पाटलिपुत्र, दानापुर के गोला रोड, सहरसा स्थित अधीक्षण अभियंता के कार्यालय और आवास तथा औरंगाबाद जिले के दाऊदनगर स्थित उनके पैतृक आवास पर की गई। छापेमारी के दौरान टीम ने नकदी, संपत्ति के दस्तावेज, बैंक खातों और निवेश से संबंधित कागजात की जांच की।
दानापुर के गोला रोड स्थित आवास से मिले 31.42 लाख रुपये
एसवीयू के अनुसार, छापेमारी के दौरान कुल 31.42 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। यह पूरी नकदी दानापुर के गोला रोड स्थित अधीक्षण अभियंता के आवास से मिली। नकदी के अलावा जांच टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी प्राप्त हुए हैं, जिनमें संपत्ति और निवेश से संबंधित कागजात शामिल हैं।
जांच में पटना और दानापुर में अभियंता तथा उनकी पत्नी के नाम पर कई अचल संपत्तियां होने की जानकारी मिली है। इन संपत्तियों का अनुमानित मूल्य लगभग 3.08 करोड़ रुपये बताया गया है।
दो मकान, तीन भूखंड और एक फ्लैट का पता चला
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, विजय कुमार और उनकी पत्नी के नाम पर दानापुर के गोला रोड में करीब 2.50 करोड़ रुपये मूल्य के दो मकान निबंधित हैं। इसके अतिरिक्त दानापुर में तीन भूखंड और पटना के महेश नगर में एक फ्लैट भी उनके नाम पर दर्ज है।
- दानापुर के गोला रोड में दो मकान।
- दानापुर में तीन भूखंड।
- पटना के महेश नगर में एक फ्लैट।
- अचल संपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य करीब 3.08 करोड़ रुपये।
नौ बैंक खातों में 1.29 करोड़ रुपये से अधिक जमा
छापेमारी के दौरान वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी भी जांच एजेंसी के सामने आई है। एसवीयू के मुताबिक, विजय कुमार से संबंधित नौ बैंक खातों में करीब 1.29 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा मिली है।
इसके अलावा एक स्कॉर्पियो और एक आई-टेन कार उनके नाम पर निबंधित पाई गई हैं। जांच टीम को लगभग 23.23 लाख रुपये मूल्य के आभूषण भी मिले हैं। विभिन्न निवेशों से संबंधित दस्तावेजों को भी जब्त कर उनकी पड़ताल की जा रही है।
22 साल की सेवा के दौरान संपत्ति अर्जित करने का आरोप
विशेष निगरानी इकाई के अनुसार, अधीक्षण अभियंता विजय कुमार पर करीब 22 वर्षों की सरकारी सेवा के दौरान कथित तौर पर भ्रष्ट तरीकों से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इस मामले में एजेंसी ने प्रथमदृष्टया आय के ज्ञात स्रोतों से 139.87 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
एसवीयू के मुताबिक, कथित अवैध संपत्ति का मूल्य करीब 3.29 करोड़ रुपये आंका गया है। फिलहाल बरामद नकदी, बैंक खातों, अचल संपत्तियों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
बिहार के 80 हजार शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का होगा सत्यापन
इंजीनियर के ठिकानों पर छापेमारी के बीच बिहार में शिक्षा विभाग ने भी एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य सरकार अब लगभग 80 हजार शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच कराने की तैयारी में है। बुधवार को आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में लंबित प्रमाण पत्रों का सत्यापन जल्द पूरा करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में राज्य के सरकारी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बिहार में लगभग 3.20 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से करीब 2.40 लाख शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन पूरा हो चुका है। शेष 80 हजार शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच अभी की जानी है।
अब तक 1700 शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्रों पर नियुक्त पाए गए
शिक्षा विभाग की समीक्षा में यह भी जानकारी सामने आई कि अब तक लगभग 1700 शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्त पाए गए हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने शेष शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन जल्द पूरा करने पर जोर दिया है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लंबित प्रमाण पत्रों की जांच में तेजी लाई जाए। साथ ही फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्त पाए गए शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- शेष 80 हजार शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन जल्द पूरा करना।
- फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्त शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करना।
- विभाग में वित्तीय अनियमितताओं के मामलों की जांच करना।
- दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना।
वित्तीय अनियमितताओं पर भी अधिकारियों और कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया गया। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने निर्देश दिया कि वित्तीय गड़बड़ियों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
विभागीय समीक्षा में प्रमाण पत्रों के सत्यापन के साथ-साथ वित्तीय मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अनियमितताओं में जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
बिहार में भ्रष्टाचार और फर्जी नियुक्तियों पर सख्ती, जांच पर टिकी नजरें
बिहार में सामने आई ये दोनों घटनाएं सरकारी विभागों में अनियमितताओं की जांच और जवाबदेही से जुड़ी हैं। एक तरफ विशेष निगरानी इकाई अधीक्षण अभियंता विजय कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच कर रही है। दूसरी तरफ शिक्षा विभाग हजारों शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
इंजीनियर के मामले में बरामद नकदी, बैंक खातों में जमा रकम, मकानों, भूखंडों और निवेश से संबंधित दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी। वहीं शिक्षा विभाग के सामने शेष 80 हजार शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन पूरा करने और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्त पाए गए शिक्षकों के मामलों में कार्रवाई करने की जिम्मेदारी है।
निष्कर्ष
बिहार में एसवीयू की छापेमारी और शिक्षा विभाग की प्रमाण पत्र जांच की तैयारी ने सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा फिर चर्चा में ला दिया है। अधीक्षण अभियंता के ठिकानों से मिली नकदी और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है, जबकि 80 हजार शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जाना बाकी है। अब इन दोनों मामलों में आगे होने वाली जांच और विभागीय कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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