सहरसा में 5 हजार रुपये रिश्वत लेते सर्वे अमीन गिरफ्तार, निगरानी विभाग ने निजी आवास सह कार्यालय में की कार्रवाई
4.80 डिसमिल जमीन के रखवा सुधार और नक्शा परिवर्तन के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप
क्या है पूरा मामला?
सहरसा जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नोनैती निवासी प्रभात कुमार, पिता पवन कुमार भारती ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी कुल 4.80 डिसमिल जमीन के रखवा में सुधार और नक्शा परिवर्तन कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए गए थे।
इसी काम को आगे बढ़ाने और आवेदन में सुधार कराने के सिलसिले में उनकी मुलाकात 12 अक्टूबर 2026 को सर्वे अमीन दीपक राज से हुई थी। शिकायत के अनुसार, इस दौरान सर्वे अमीन ने जमीन से जुड़े काम को सुधारने के एवज में 5,000 रुपये रिश्वत की मांग की।
इसके बाद प्रभात कुमार ने मामले को लेकर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर ब्यूरो ने मामले की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की।
सत्यापन में सही पाया गया रिश्वत मांगने का आरोप
शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने अपने स्तर से आवेदन का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान शिकायत में लगाए गए रिश्वत मांगने से संबंधित आरोप सही पाए गए।
इसके बाद मामले में निगरानी थाना कांड संख्या 129/26 दर्ज किया गया। यह प्राथमिकी 2 नवंबर 2026 को दर्ज की गई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई के लिए धावा दल गठित करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
3 नवंबर को धावा दल ने की कार्रवाई
मामले के अनुसंधानकर्ता के अनुरोध पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ओर से एक धावा दल का गठन किया गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 3 नवंबर 2026 को टीम ने कार्रवाई की।
निगरानी विभाग की टीम ने सर्वे अमीन दीपक राज के निजी आवास सह कार्यालय में पहुंचकर कार्रवाई की। इसी दौरान उन्हें शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
इस धावा दल में कुल 10 सदस्य शामिल थे। पूरी कार्रवाई का नेतृत्व निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस उपाधीक्षक श्री रविंद्र प्रसाद विद्यार्थी कर रहे थे।
अब तक की कार्रवाई का पूरा घटनाक्रम
10 सदस्यीय टीम ने दिया कार्रवाई को अंजाम
इस कार्रवाई में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की 10 सदस्यीय धावा दल टीम शामिल थी। टीम का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक श्री रविंद्र प्रसाद विद्यार्थी ने किया। निर्धारित कार्यक्रम के तहत सर्वे अमीन के निजी आवास सह कार्यालय में रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी की गई।
सहरसा निगरानी कार्रवाई: मामले की मुख्य बातें
इस मामले में शिकायतकर्ता प्रभात कुमार की 4.80 डिसमिल जमीन के रखवा सुधार और नक्शा परिवर्तन से संबंधित ऑनलाइन आवेदन का जिक्र है। शिकायत में सर्वे अमीन पर 5,000 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। निगरानी ब्यूरो के सत्यापन के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई और अगले दिन धावा दल ने कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की।
इस पूरी कार्रवाई में शिकायत, सत्यापन, प्राथमिकी दर्ज करने और धावा दल के गठन के बाद गिरफ्तारी तक की प्रक्रिया शामिल रही।
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