बिहार की डीपीओ रूबी कुमारी के ठिकानों पर EOU की छापेमारी, 10 प्लॉट और करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
किशनगंज और कटिहार में चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे तलाशी अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई के लिए पांच अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। किशनगंज में डीएसपी स्तर के दो अधिकारियों के नेतृत्व में टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर जांच की। पूरी कार्रवाई शाम करीब 4:10 बजे तक चली।
किशनगंज शहर के रूईधासा स्थित सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय परिसर में डीपीओ रूबी कुमारी के सरकारी कार्यालय की तलाशी ली गई। इसके अलावा शहर के लाइन इलाके में स्थित उनके किराए के मकान को भी खंगाला गया।
दूसरी ओर, उनके पति गौरव कुमार से जुड़े कटिहार के मिरचाईबाड़ी स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी के दो अलग-अलग ठिकानों पर ईओयू की टीम पहुंची। यहां संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, नकदी, आभूषण और अन्य महत्वपूर्ण कागजातों की जांच की गई।
करीब तीन करोड़ के 10 प्लॉट के दस्तावेज मिले
तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसी को करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य के 10 भूखंडों से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। ये दस्तावेज जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ईओयू अब इन संपत्तियों के स्वामित्व, खरीद और धन के स्रोतों से संबंधित पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
इसके अतिरिक्त छापेमारी में करीब 2.84 लाख रुपये नकद और लगभग छह लाख रुपये मूल्य के आभूषणों से संबंधित जानकारी सामने आई है। बरामद दस्तावेजों में बैंक खातों और संपत्ति से जुड़े कागजात भी शामिल बताए गए हैं।
छापेमारी में सामने आए प्रमुख तथ्य
- करीब तीन करोड़ रुपये के 10 भूखंडों के दस्तावेज।
- लगभग 2.84 लाख रुपये नकद।
- करीब छह लाख रुपये मूल्य के आभूषण।
- कटिहार में आठ डिसमिल जमीन पर पांच मंजिला मकान।
- एक बेनामी स्कॉर्पियो से संबंधित जानकारी।
- बैंक खातों और अन्य संपत्तियों से जुड़े कागजात।
कटिहार में आठ डिसमिल जमीन पर पांच मंजिला मकान
ईओयू की कार्रवाई के दौरान कटिहार के मिरचाईबाड़ी स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी में एक पांच मंजिला मकान भी जांच के दायरे में आया है। यह मकान आठ डिसमिल जमीन पर बना हुआ है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसमें करोड़ों रुपये खर्च कर साज-सज्जा का काम कराया जा रहा है।
जांच एजेंसी ने इस मकान के मूल्यांकन की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, आगे के अनुसंधान के दौरान भवन और उससे संबंधित संपत्ति का आकलन कराया जाएगा, ताकि उसकी वास्तविक कीमत का पता लगाया जा सके।
इसके अलावा एक बेनामी स्कॉर्पियो भी सामने आई है। वाहन के स्वामित्व और उससे जुड़े तथ्यों की जांच भी मामले के अनुसंधान का हिस्सा है।
अलमारी का ताला खुलवाने के लिए बुलाना पड़ा मजदूर
छापेमारी के दौरान कटिहार स्थित एक ठिकाने पर टीम को अलमारी में रखे सामान की जांच करने में परेशानी हुई। अलमारी बंद होने के कारण उसका ताला खुलवाने के लिए बाहर से एक मजदूर को बुलाना पड़ा। मजदूर की मदद से अलमारी खुलवाई गई और उसके अंदर रखे सामान की तलाशी ली गई।
वहीं, बरामद सोने और अन्य धातुओं के आभूषणों का मूल्यांकन कराने के लिए मिर्चाईबाड़ी के एक ज्वेलर्स को भी मौके पर बुलाया गया था। उसने जांच दल को जेवरात के मूल्यांकन में सहयोग किया।
जांच के दौरान जमीन के दस्तावेज, नकदी, आभूषण और बैंक खातों से जुड़े कागजात मिलने के बाद ईओयू ने मामले की पड़ताल का दायरा और बढ़ा दिया है।
ज्ञात आय से 87.49 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप
आर्थिक अपराध इकाई के प्रारंभिक अनुसंधान में रूबी कुमारी और उनके पति गौरव कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। एजेंसी के मुताबिक, दोनों पर आपराधिक षड्यंत्र के तहत अपनी ज्ञात वैध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
प्राथमिकी में आय से अधिक संपत्ति की राशि 2 करोड़ 54 लाख 84 हजार रुपये बताई गई है। यह उनकी ज्ञात आय से करीब 87.49 प्रतिशत अधिक बताई गई है। इस मामले में संपत्ति के स्रोतों, बैंक खातों, जमीन की खरीद और अन्य निवेश से संबंधित तथ्यों की जांच की जा रही है।
मामले से जुड़ी कानूनी जानकारी
जांच एजेंसी: आर्थिक अपराध इकाई (EOU), बिहार
मामला: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप
प्राथमिकी: आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 31/26
न्यायिक अनुमति: तलाशी के लिए पटना स्थित निगरानी के विशेष न्यायालय से अनुमति ली गई थी।
2018 में बिहार शिक्षा सेवा में शामिल हुई थीं रूबी कुमारी
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रूबी कुमारी वर्ष 2018 में बिहार शिक्षा सेवा में शामिल हुई थीं। वर्तमान में वह किशनगंज में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षा विभाग में उनके पद और उससे संबंधित आय के आधार पर ही जांच एजेंसी ने संपत्ति के ज्ञात स्रोतों की पड़ताल शुरू की है।
उनके पति गौरव कुमार ने वर्ष 2004 में रेलवे में लोको सहायक के रूप में योगदान दिया था। वर्तमान में वह कटिहार रेलवे स्टेशन पर कार्यरत बताए गए हैं। ईओयू दोनों की वैध आय और अर्जित संपत्तियों के बीच अंतर का आकलन कर रही है।
आगे संपत्तियों के मूल्यांकन और दस्तावेजों की जांच पर नजर
मंगलवार की छापेमारी में मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों के आधार पर आर्थिक अपराध इकाई आगे की जांच कर रही है। 10 भूखंडों की कीमत, पांच मंजिला मकान का मूल्यांकन, आभूषणों की वास्तविक कीमत और बेनामी स्कॉर्पियो से संबंधित जानकारी जांच के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
इसके साथ ही बैंक खातों और संपत्ति खरीदने में इस्तेमाल की गई रकम के स्रोतों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी की ओर से मकान का मूल्यांकन कराने की बात कही गई है। आगे की कार्रवाई अनुसंधान में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष: बिहार के किशनगंज में तैनात डीपीओ रूबी कुमारी और उनके पति गौरव कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में EOU की छापेमारी से कई महत्वपूर्ण संपत्तियों और दस्तावेजों का खुलासा हुआ है। करीब तीन करोड़ रुपये के 10 भूखंडों, नकदी, आभूषणों और कटिहार के पांच मंजिला मकान की जांच अब इस मामले का प्रमुख हिस्सा है। फिलहाल आरोपों की जांच जारी है और संपत्तियों के वास्तविक मूल्य तथा उनके स्रोतों का अंतिम निर्धारण अनुसंधान के बाद ही स्पष्ट होगा।

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