किलकारी बिहार बाल भवन, सहरसा द्वारा बाल दिवस के अवसर पर चल रहे ‘बाल उमंग पखवाड़ा’ के अंतर्गत बुधवार, 26 नवंबर 2025 को किलकारी परिसर में रंगारंग पिकनिक का आयोजन किया गया। शिक्षा विभाग द्वारा स्थापित इस संस्थान में 13 नवंबर से 30 नवंबर तक बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विभिन्न रचनात्मक व मनोरंजक गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं।
पिकनिक का मुख्य उद्देश्य बच्चों को खुला और सीख-आधारित वातावरण प्रदान करना, उनके सामाजिक कौशल को विकसित करना और अभिभावकों की भागीदारी से बच्चों–अभिभावकों के संबंध को और मजबूत बनाना था। खास बात यह रही कि हर गतिविधि में बच्चे और उनके अभिभावक ने एक साथ हिस्सा लिया, जिससे टीमवर्क, आत्मविश्वास और पारिवारिक सामंजस्य की भावना को नई ऊर्जा मिली।
लिट्टी-चोखा बना आकर्षण का केंद्र
पिकनिक का सबसे बड़ा आकर्षण रहा—बच्चों द्वारा खुद बनायी गई पारंपरिक लिट्टी-चोखा। प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चों ने मिट्टी के चूल्हे पर लिट्टी सेंकी और चोखा तैयार किया। इस गतिविधि ने बच्चों को न केवल पारंपरिक भोजन संस्कृति से परिचित कराया, बल्कि उनमें आत्मनिर्भरता, कौशल और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा दिया।
पूरे आयोजन के दौरान बच्चों और अभिभावकों ने खेल, कला, संगीत और अन्य मनोरंजक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। परिसर में पूरे दिन उल्लास, उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा।
प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक प्रणव भारती ने कहा—
“बाल उमंग पखवाड़ा का उद्देश्य बच्चों को ऐसा वातावरण देना है जहाँ शिक्षा और मनोरंजन एक साथ आगे बढ़ें। पिकनिक जैसे कार्यक्रम बच्चों में अनुशासन, व्यवहारिक ज्ञान, टीमवर्क और आत्मनिर्भरता विकसित करते हैं। परंपरागत लिट्टी-चोखा बनाना बच्चों के लिए रोमांचक अनुभव रहा और इससे उन्हें हमारी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का भी अवसर मिला। अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी ने बच्चों का आत्मविश्वास और भी बढ़ाया है।”
उन्होंने आगे कहा कि किलकारी का प्रयास हमेशा से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए रचनात्मक माहौल तैयार करना रहा है और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम की सफलता में अनेक प्रशिक्षकों का योगदान
किलकारी द्वारा आयोजित यह पिकनिक केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रही, बल्कि इसने बच्चों में सीख, संस्कार और सामूहिकता की भावना को और सशक्त करने का कार्य भी किया।
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