सहरसा। जिले में अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सहरसा पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक हिमांशु के नेतृत्व में कुख्यात अपराधियों की अवैध संपत्ति की पहचान और जब्ती के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। शुक्रवार को मुख्यालय डीएसपी-1 धीरेंद्र पांडे ने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर इस अभियान की विस्तृत जानकारी दी।
डीएसपी ने बताया कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उन अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ना है, जिन्होंने वर्षों तक अवैध गतिविधियों से अकूत संपत्ति अर्जित की है। उन्होंने कहा, “अपराध की जड़ें तभी कमजोर होंगी, जब उसके आर्थिक स्त्रोतों पर सीधा प्रहार किया जाएगा।”
कई कुख्यात अपराधियों पर कोर्ट की अनुमति से कार्रवाई शुरू
अभी तक जिले के कई नामी अपराधियों की संदिग्ध संपत्ति की जांच प्रारंभ कर दी गई है। इनमें प्रमुख रूप से —
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मो. शमशेर (हकपाड़ा, सदर थाना)
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नित्यानंद कुमार (सलखुआ)
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विपुल कुमार (बैजनाथपट्टी, सदर थाना)
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मनोज यादव (कोपरिया टोला, बलवाहाट)
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एडी यादव उर्फ आदित्य आनंद (सहमौरा, सोनवर्षाराज)
इन सभी के विरुद्ध अदालत से अनुमति लेकर उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। कई मामलों में फाइलें कोर्ट में लंबित हैं, जबकि कुछ मामलों में अंतिम चरण की जांच चल रही है।
पुलिस की गहन जांच— बैंक, जमीन और लेन-देन पर विशेष नजर
डीएसपी पांडे ने बताया कि थाना रिपोर्ट, स्थानीय सत्यापन, बैंक लेन-देन, संपत्ति खरीद-बिक्री के दस्तावेज और आपराधिक रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। कई असामाजिक तत्वों की पहचान की जा चुकी है और नई सूची तैयार करने के लिए सभी थानों को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
“अपराध की कमाई अब सुरक्षित नहीं रहेगी” — डीएसपी
डीएसपी ने स्पष्ट कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि अपराधियों को आर्थिक रूप से निष्क्रिय करने की दीर्घकालिक रणनीति है। उन्होंने कहा कि वैध आय से अधिक संपत्ति, संदिग्ध राशि का लेन-देन और बेनामी संपत्ति—इन सभी पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में और कई नाम सामने आ सकते हैं तथा कई मामलों में संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी देखने को मिलेगी। जिला पुलिस प्रशासन को भरोसा है कि इस अभियान से अपराध का नेटवर्क काफी कमजोर होगा और जिले की कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
सहरसा पुलिस की यह कठोर कार्रवाई जिले में अपराधियों के लिए बड़ा संदेश मानी जा रही है—अब अवैध कमाई बचाना आसान नहीं होगा।

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