सहरसा। सदर थाना क्षेत्र के सिमराहा चौक के समीप 18 फरवरी को हुई जघन्य गोलीबारी की घटना में फरार चल रहे शेष दो शूटरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना में 13 वर्षीय एक बालक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जिससे इलाके में भारी आक्रोश था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हिमांशु के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण, तकनीकी सर्विलांस, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संकलन, मानव स्रोतों से मिली सूचना और जिला आसूचना इकाई के सहयोग से कार्रवाई करते हुए गुरुवार को सुपौल जिला के रतनपुरा थाना अंतर्गत ग्राम भगवानपुर से दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर बनमा इटहरी थाना क्षेत्र के सुगमा पुल के पास से घटना में प्रयुक्त संभावित कट्टा और एक खोखा बरामद किया गया है। बरामद आग्नेयास्त्र को जब्त कर बैलिस्टिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। पूछताछ में अभियुक्तों ने घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पवन कुमार से दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। रकम न देने की स्थिति में एक लाख रुपये नकद और एक स्प्लेंडर बाइक देने पर सहमति बनी थी। प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद को घटना का मुख्य कारण बताया गया है। बरामद हथियार के संबंध में बनमा इटहरी थाना में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान ललटू कुमार (पिता—सत्यनारायण शर्मा), थाना बसनही और सूरज (पिता—अकल साह), थाना काशनगर के रूप में हुई है। दोनों का आपराधिक इतिहास रहा है, जिनकी अन्य आपराधिक संलिप्तताओं की भी जांच की जा रही है। इस कांड में शामिल चार अन्य अभियुक्तों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है।
एसआईटी टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आलोक कुमार, पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष साइबर थाना अजीत कुमार, पुअनि जितेंद्र ठाकुर (अनुसंधानकर्ता), पुअनि सनोज वर्मा, पुअनि गुंजन कुमार, पुअनि मुकेश कुमार यादव, पुअनि विकास कुमार, पुअनि रौशन कुमार सहित जिला आसूचना इकाई के अधिकारी, कर्मी एवं सशस्त्र बल शामिल थे। मामले में अनुसंधान और अग्रतर कार्रवाई जारी है।
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