सहरसा जिले के सौरबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत कंचनपुर कचरा वार्ड संख्या 10 में 28 वर्षीय निकम कुमारी की संदिग्ध मौत अब गंभीर आपराधिक शक के घेरे में आ गई है। शुरुआती तौर पर रहस्यमयी प्रतीत हो रही यह घटना परिजनों के बयान सामने आने के बाद हत्या, करंट से मारने और संभावित दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों में बदलती नजर आ रही है। घटना के बाद से मृतका का पति राजा कुमार फरार बताया जा रहा है, जिससे संदेह और गहरा गया है।
परिजनों द्वारा दिए गए विस्तृत बयान इस पूरे मामले को और अधिक उलझा देते हैं। मृतका की गोतनी अनुपम कुमारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब सात बजे गांव में एक शादी समारोह के दौरान मटकोर कार्यक्रम में डीजे बज रहा था, जिसे देखने के लिए वे और निकम साथ गई थीं। कुछ देर बाद दोनों वापस घर लौटीं, जहां अनुपम अपनी खराब तबीयत के कारण कमरे में आराम करने चली गईं। लगभग आठ बजे जब खाना बनाने के लिए निकम को खोजा गया, तो वह घर में कहीं नजर नहीं आईं। काफी खोजबीन के बाद जब रसोईघर में देखा गया, तो वह एक बेंच के नीचे अचेत अवस्था में पड़ी मिलीं। अनुपम बताती हैं कि उस वक्त निकम के शरीर से खून बह रहा था और यह दृश्य बेहद भयावह था।
दूसरी ओर, मृतका के ममेरा भाई अखिलेश कुमार ने इस घटना को सीधे तौर पर सुनियोजित हत्या करार दिया है। उनका आरोप है कि शनिवार रात करीब सवा नौ बजे पड़ोसियों ने फोन कर सूचना दी कि निकम की हत्या कर दी गई है और सबूत मिटाने की कोशिश की जा रही है। जब वे मौके पर पहुंचे, तो निकम का शरीर खून से लथपथ था और कपड़े पूरी तरह भीगे हुए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि मृतका के हाथों पर करंट लगने जैसे निशान और फफोले थे, जिससे यह आशंका बलवती होती है कि उसे बिजली का झटका देकर मारा गया।
अखिलेश कुमार ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि मृतका के साथ जघन्य कुकृत किए जाने की आशंका है, क्योंकि उसके गुप्तांग से लगातार रक्तस्राव हो रहा था। उन्होंने कहा कि यह सामान्य मौत नहीं हो सकती और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि निकम और राजा कुमार ने आठ वर्ष पूर्व प्रेम विवाह किया था, लेकिन शादी के बाद से ही दहेज को लेकर प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया था।
परिजनों के अनुसार, राजा कुमार और उसके परिवार द्वारा लगातार पैसों की मांग की जाती थी—कभी 10 हजार, कभी 50 हजार, तो कभी कोचिंग खोलने के नाम पर 30 हजार रुपये। मृतका के पिता का पहले ही निधन हो चुका है और परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। इसके बावजूद उसकी विधवा मां ने कर्ज लेकर लगभग 80 हजार रुपये दिए, ताकि बेटी का घर बचा रहे। लेकिन इसके बाद भी आरोप है कि पति द्वारा बाइक, खासकर बुलेट की मांग की जा रही थी और मानसिक दबाव बढ़ता जा रहा था। इसके साथ ही, परिजनों ने पति के किसी अन्य महिला से संबंध होने की आशंका भी जताई है, जिसे उन्होंने जांच का विषय बताया है।
इस बीच पुलिस प्रशासन ने भी आधिकारिक रूप से पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की है। सौर बाजार के एसडीपीओ आलोक कुमार ने बताया कि 25 अप्रैल की रात करीब 10:30 बजे सौर बाजार थानाध्यक्ष को एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिली थी। सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि रविवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है तथा एफएसएल टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य संकलित किए गए हैं। आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
जब उनसे पूछा गया कि क्या मृतका के साथ किसी प्रकार की ज्यादती की भी बात सामने आई है, तो एसडीपीओ ने स्पष्ट कहा कि यह फिलहाल एक पक्ष का आरोप है और अब तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने दोहराया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि मृतका का पति फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। सहरसा की यह घटना एक बार फिर घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और संदिग्ध परिस्थितियों में होने वाली मौतों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे इस सनसनीखेज मामले का सच सामने आ सके।
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