## 18 जून को होगी मामले की अगली सुनवाई, आरएफएसएल निदेशक को ऑनलाइन उपस्थित रहने का निर्देश
पटना हाईकोर्ट ने सहरसा जिले के महिषी प्रखंड स्थित राजकीय मध्य विद्यालय, बलुआहा में मिड डे मील खाने के बाद 150 से अधिक छात्रों के बीमार पड़ने के मामले में गुरुवार को पुनः सुनवाई की। जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने इस गंभीर मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। कोर्ट बिहार सरकार के निदेशक, एमडीएम/पीएम पोषण द्वारा दायर जवाब से संतुष्ट नहीं दिखा और सभी संबंधित अधिकारियों एवं पक्षों से विचार-विमर्श कर नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
## फूड सैंपल की जांच नहीं होने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने भागलपुर स्थित क्षेत्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (आरएफएसएल) के निदेशक को पक्षकार बनाने का आदेश दिया। अदालत ने इस बात पर नाराजगी जताई कि 189 स्कूली बच्चों का जीवन खतरे में पड़ने के बावजूद फूड सैंपलों की जांच नहीं की गई। कोर्ट ने आरएफएसएल, भागलपुर के निदेशक को अगली सुनवाई में ऑनलाइन उपस्थित होने का निर्देश दिया।
राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता अमीष कुमार ने बताया कि 21 मई 2026 को इस संबंध में आरएफएसएल, भागलपुर को पत्र भेजा गया था।
## जांच अधिकारी निलंबित, रिपोर्ट तलब
कोर्ट के निर्देश पर एसपी सहरसा ने बताया कि मामले के जांच अधिकारी द्वारा खाद्य सैंपल जांच के लिए भेजने में देरी की गई थी, जिसके कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया है। अदालत ने इस कार्रवाई और जांच की विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
## स्कूलों में भोजन व्यवस्था की भी मांगी जानकारी
कोर्ट को बताया गया कि महिषी प्रखंड के 68 विद्यालयों में विद्यालय शिक्षा समिति द्वारा रसोई संचालन किया जाता है, जबकि 58 विद्यालयों में एजेंसी के माध्यम से भोजन तैयार कराया जाता है। अदालत ने सहरसा के खाद्य आपूर्ति अधिकारी, खाद्य विश्लेषक तथा संबंधित एनजीओ से भी रिपोर्ट मांगी है। साथ ही भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान एवं शिक्षा समिति, बलुआहा चौक, लाहौर को भी मामले में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया गया।
## घटना के बाद 189 बच्चों को कराया गया था भर्ती
जिलाधिकारी सहरसा ने कोर्ट को बताया कि घटना के बाद 189 बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था और स्वास्थ्य में सुधार होने पर सभी को छुट्टी दे दी गई। जानकारी के अनुसार, विद्यालय में मिड डे मील खाने के बाद बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत की थी।
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई थी कि भोजन में सांप का बच्चा या कोई जहरीला कीड़ा गिर गया था, जिससे बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भोजन के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे थे, संबंधित प्रधानाध्यापक को निलंबित किया था तथा प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी।
## 18 जून को फिर होगी सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 18 जून 2026 को होगी। हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक रिपोर्ट और जांच से जुड़े सभी दस्तावेज अगली तिथि तक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
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