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चंद्रा टाइम्स

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Bhagalpur news : भागलपुर में बिजली कनेक्शन के नाम पर रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, JE और तकनीशियन 4 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

भागलपुर: बिहार के भागलपुर में बिजली कनेक्शन देने के नाम पर रिश्वत लेने का बड़ा मामला सामने आया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने मंगलवार को बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (JE) और एक तकनीशियन को 4 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है।

शिकायत के बाद विजिलेंस ने बिछाया जाल
जानकारी के अनुसार, खंजरपुर स्थित सहदेव अपार्टमेंट निवासी संतोष कुमार ने नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि कनेक्शन जारी करने के बदले विभाग के कर्मचारियों ने 4 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
संतोष कुमार ने इसकी शिकायत पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले का सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने पर विजिलेंस ने ट्रैप की योजना बनाई और मंगलवार को नौलखा कोठी परिसर में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपितों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

JE अमित कुमार और तकनीशियन सौरभ कुमार गिरफ्तार
निगरानी ब्यूरो ने तिलकामांझी नार्थ सेक्शन के जूनियर इंजीनियर अमित कुमार और तकनीशियन सौरभ कुमार को गिरफ्तार किया है।
कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे डीएसपी मिथिलेश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तकनीशियन के माध्यम से उपभोक्ताओं से पैसे वसूले जाते थे। आरोप है कि सौरभ कुमार उपभोक्ताओं से संपर्क कर रिश्वत की राशि तय करता था, जिसके बाद बिजली कनेक्शन से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती थी।
गोपनीय तरीके से हुई कार्रवाई
विजिलेंस की टीम ने पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दी। ट्रैप ऑपरेशन में डीएसपी मिथिलेश कुमार के साथ निरीक्षक संतोष कुमार, गणेश कुमार सहित अन्य अधिकारी और जवान शामिल थे। पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत की गई कार्रवाई में आरोपितों को संभलने या सबूत मिटाने का मौका नहीं मिला।

पहले भी विवादों में रह चुका है JE
गिरफ्तार जूनियर इंजीनियर अमित कुमार पहले भी विवादों में रह चुका है। करीब चार वर्ष पहले बांका जिले के कटोरिया में पदस्थापित रहने के दौरान वह शराब के नशे में गिरफ्तार हुआ था। उस समय बिजली विभाग ने उसे निलंबित कर दिया था। बाद में बहाली के बाद उसकी पोस्टिंग भागलपुर के तिलकामांझी नार्थ सेक्शन में हुई थी। अब रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तारी के बाद उसकी कार्यशैली फिर सवालों के घेरे में आ गई है।

JE ने आरोपों से किया इनकार
गिरफ्तारी के बाद JE अमित कुमार ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें फंसाया गया है। हालांकि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का कहना है कि शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप कार्रवाई की गई और दोनों आरोपितों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने कहा है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा किसी भी सरकारी सेवा के बदले रिश्वत की मांग की जाती है तो नागरिक इसकी शिकायत कर सकते हैं। शिकायत सही पाए जाने पर भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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