सहरसा: सिसई-अगवानपुर स्थित कृषि महाविद्यालय परिसर में एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान सिसई वार्ड नंबर-13 निवासी मिथिलेश पासवान के रूप में हुई है। परिजनों ने उनकी मौत को हत्या बताते हुए पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार, मिथिलेश पासवान कृषि महाविद्यालय परिसर में मजदूर के रूप में काम करते थे। परिजनों के मुताबिक, वह दिन में सुबह करीब 8 बजे से शाम 4 बजे तक ड्यूटी करने के बाद शाम 6 बजे से सुबह 5 बजे तक की ड्यूटी पर भी लगाए गए थे।
मृतक की पत्नी गीता देवी के अनुसार, वह शुक्रवार शाम करीब 7 बजे अपने पति के लिए खाना लेकर कृषि महाविद्यालय परिसर पहुंचीं। वहां उन्होंने मिथिलेश को जमीन पर मृत अवस्था में पड़ा देखा। इसके बाद उनके रोने की आवाज सुनकर परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे।
मृतक के भतीजे राजा कुमार ने आरोप लगाया कि मिथिलेश की मौत सामान्य तरीके से नहीं हुई है। उनका कहना है कि शव मोटर के पास पड़ा था और परिस्थितियां देखकर परिवार को हत्या की आशंका है। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल हत्या के आरोप की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच की बात कही है।
बकरी को लेकर हुआ था विवाद
परिजनों के अनुसार, घटना से एक दिन पहले कृषि महाविद्यालय परिसर में बकरी घुसने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि कुछ बकरियों को पकड़कर परिसर में बांध दिया गया था। इसके बाद बकरी को छोड़ने और जुर्माना देने को लेकर परिवार के लोगों के बीच विवाद हुआ।
मृतक के भतीजे राजा कुमार ने बताया कि इसी विवाद के बाद उन्हें कथित तौर पर धमकी भी दी गई थी। उन्होंने इस संबंध में हरिजन थाना में आवेदन देने की बात कही है। परिजनों का दावा है कि घटना से कुछ घंटे पहले कॉलेज प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में इस विवाद को लेकर लिखित आवेदन भी कराया गया था।
पुलिस ने कहा- जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिजनों की ओर से मिथिलेश पासवान की हत्या किए जाने का आरोप लगाया गया है। अधिकारी के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
पुलिस ने बकरी को लेकर पहले हुए विवाद की जानकारी होने से फिलहाल इनकार किया और कहा कि जांच के दौरान सभी पहलुओं को देखा जाएगा।
तीन छोटे बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
मिथिलेश पासवान अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं। परिजनों के अनुसार, बच्चों की उम्र करीब 7 वर्ष, 6 वर्ष और 3 वर्ष है। परिवार का कहना है कि मिथिलेश ही परिवार की आजीविका का प्रमुख सहारा थे।
मृतक के भतीजे राजा कुमार ने प्रशासन से परिवार को आर्थिक सहायता देने और मृतक की पत्नी तथा बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि जब तक वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी मांगों पर आश्वासन नहीं देते, तब तक वे शव उठाने की अनुमति नहीं देंगे।
फिलहाल, मिथिलेश पासवान की मौत हत्या है या किसी अन्य कारण से हुई, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
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