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सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर बुधवार की सुबह हटिया-कोसी एक्सप्रेस के एक कोच के पहिए के पास ब्रेक पैड में आग लगने से स्टेशन पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि ट्रेन संख्या 18625 हटिया-कोसी एक्सप्रेस सुबह करीब 5 बजकर 30 मिनट पर सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पहुंची थी। ट्रेन अपने निर्धारित समय से करीब एक घंटा 13 मिनट की देरी से पहुंची थी और स्टेशन पर लगभग 43 मिनट तक रुकी रही।
इसी दौरान रेलवे कर्मचारियों की नजर एक कोच के पहिए के पास से निकल रहे धुएं और आग पर पड़ी। रेलवे की रिपोर्ट के मुताबिक M/2-213815/SER नंबर वाले चेसिस यानी कोच के पहिए के पास आग लगी थी। सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी तुरंत आग बुझाने में जुट गए।
आग पर काबू पाने के लिए रेलवे कर्मचारियों ने छह अग्निशामक यंत्रों का इस्तेमाल किया। साथ ही फायर ब्रिगेड की टीम को भी सूचना दी गई। फायरमैन संतोष कुमार के मुताबिक सूचना मिलते ही टीम सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पहुंची और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझा दिया गया।
इसके बाद रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की। शुरुआती जांच में ब्रेक ब्लॉक जाम होने की बात सामने आई, जिसके कारण पहिए के पास गर्मी बढ़ने से आग लगी।
यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जिस कोच में आग लगी थी, उसे खाली कराया गया और उसमें सवार यात्रियों को दूसरे कोच में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद ट्रेन को सुरक्षित तरीके से सिमरी बख्तियारपुर से मानसी जंक्शन की ओर रवाना किया गया। ट्रेन करीब सुबह 6 बजकर 13 मिनट पर आगे के लिए रवाना हुई।
समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने बताया कि ब्रेक में आई तकनीकी दिक्कत के कारण पहिए में आग लगी थी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सबसे चिंता वाली बात यह है कि करीब 12 दिन पहले भी सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन के एक कोच में आग लगी थी। उस घटना में एक कोच पूरी तरह जल गया था।
लगातार दूसरी बार ट्रेन में आग लगने की घटना के बाद रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। फिलहाल हटिया-कोसी एक्सप्रेस को सुरक्षित रूप से आगे रवाना कर दिया गया है और रेलवे पूरे मामले की तकनीकी जांच में जुटा है।

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