सहरसा। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर युवा समाजसेवी रौशन माधव ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोगों के बीच भगत सिंह की संक्षिप्त जीवनी का वितरण किया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं, बच्चों और आम लोगों को भगत सिंह के जीवन, संघर्ष और देश के प्रति उनके योगदान से परिचित कराना रहा।
इस दौरान रौशन माधव ने शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और थानों में तैनात पुलिस पदाधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को कलम के साथ शहीद भगत सिंह की संक्षिप्त जीवनी भेंट की और उनसे जीवनी पढ़ने तथा भगत सिंह के विचारों को अपने जीवन में अपनाने का आग्रह किया।
बच्चों के बीच भी वितरित की गई भगत सिंह की जीवनी
कार्यक्रम के दौरान एडुकरव शिक्षा संस्थान में बच्चों के बीच भी शहीद भगत सिंह की संक्षिप्त जीवनी वितरित की गई। बच्चों को भगत सिंह के जीवन, देशभक्ति और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान के बारे में जानकारी दी गई।
रौशन माधव ने बच्चों से कहा कि आज की पीढ़ी को देश के वीर सपूतों और क्रांतिकारियों के जीवन के बारे में जानना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान देने वाले क्रांतिकारियों के संघर्ष और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है।
भगत सिंह के विचारों को याद करने की अपील
रौशन माधव ने कहा कि शहीद भगत सिंह केवल स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत भी हैं। उनके विचारों और देश के प्रति समर्पण को समझना आज भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि क्रांतिकारियों को याद करने का उद्देश्य केवल उनकी जयंती मनाना नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और देशसेवा की भावना को समझना भी होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने तथा सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की।
शहर में कार्यक्रम नहीं होने पर जताई चिंता
रौशन माधव ने भगत सिंह की जयंती के अवसर पर शहर में उनके नाम से कोई विशेष कार्यक्रम आयोजित नहीं होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरों पर शहीदों के जीवन और विचारों को लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश के लिए बलिदान देने वाले वीर क्रांतिकारियों को नई पीढ़ी से जोड़ना समाज की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से भगत सिंह की संक्षिप्त जीवनी लोगों और बच्चों के बीच वितरित की गई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले अनंत झा, टिंकू मैथिल और अंशु मिश्रा के प्रति रौशन माधव ने आभार व्यक्त किया।
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