अनुमंडलीय अस्पताल में पांच स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद
सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडलीय अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में लंबे इंतजार के बाद सुधार की उम्मीद जगी है। अस्पताल में ओटी असिस्टेंट, दो ड्रेसर और एक्स-रे जांच से जुड़े दो कर्मियों समेत पांच स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती हुई है। नए कर्मियों के योगदान से अस्पताल में इलाज और जांच से जुड़ी सुविधाओं के अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित होने की उम्मीद है।
अस्पताल में पदस्थापित ओटी असिस्टेंट संतोष कुमार, ड्रेसर श्वेता कुमारी तथा एक्स-रे टेक्निशियन संदीप कुमार एवं रवि कुमार ने योगदान कर लिया है। वहीं दूसरे ड्रेसर सूरज कुमार वर्तमान पदस्थापन स्थल से विरमित होने के बाद जल्द ही अनुमंडलीय अस्पताल में योगदान करेंगे।
कर्मियों की तैनाती को अस्पताल की तकनीकी व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर लंबे समय से ड्रेसर की कमी और एक्स-रे जांच से जुड़े कर्मियों की जरूरत को देखते हुए इसे अस्पताल की कार्यप्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
2008 के बाद खाली रहा ड्रेसर का पद
अस्पताल में ड्रेसर की कमी लंबे समय से बनी हुई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्ष 2008 में ड्रेसर धनेश्वर यादव ने अस्पताल में योगदान किया था। इसके बाद ड्रेसर का पद लंबे समय तक खाली रहा।
इससे प्रशिक्षित कर्मियों की कमी महसूस होने के साथ-साथ चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों पर भी अतिरिक्त जिम्मेदारी आ जाती थी। अब ड्रेसर की उपलब्धता से घाव की ड्रेसिंग समेत संबंधित सेवाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इससे मरीजों को प्रशिक्षित कर्मियों की सेवा मिल सकेगी और अस्पताल के अन्य कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त दबाव भी कम हो सकता है।
किस-किस ने किया योगदान
पहली बार मिला ओटी असिस्टेंट
अनुमंडलीय अस्पताल के लिए ओटी असिस्टेंट की तैनाती भी खास मायने रखती है। अस्पताल के इतिहास में पहली बार ओटी असिस्टेंट ने योगदान किया है।
ओटी असिस्टेंट संतोष कुमार के योगदान से ऑपरेशन थिएटर में चिकित्सकों को आवश्यक तकनीकी और सहायक सहयोग मिल सकेगा। इससे ऑपरेशन से संबंधित कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संचालित करने में सुविधा होने की उम्मीद है।
एक्स-रे जांच के लिए बाहर जाने की जरूरत घटेगी
अस्पताल में एक्स-रे टेक्निशियन संदीप कुमार एवं रवि कुमार के योगदान से एक्स-रे जांच की व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
दुर्घटना, चोट और हड्डी से संबंधित समस्याओं सहित विभिन्न मामलों में चिकित्सकीय सलाह के बाद मरीजों की एक्स-रे जांच अस्पताल में ही कराई जा सकेगी।
अस्पताल में एक्स-रे जांच की सुविधा उपलब्ध रहने से बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है। इससे मरीजों के समय और अतिरिक्त खर्च की भी बचत होने की उम्मीद है।
चतुर्थवर्गीय कर्मियों का घटेगा अतिरिक्त बोझ
लंबे समय से तकनीकी कर्मियों की कमी का असर अस्पताल के कामकाज पर भी पड़ रहा था। ड्रेसर के अभाव में चतुर्थवर्गीय कर्मियों से ड्रेसिंग जैसे कार्य लिए जाते थे।
अब प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती के बाद उन्हें अपने निर्धारित कार्यों पर अधिक ध्यान देने में सुविधा होगी। वहीं तकनीकी कार्यों के लिए संबंधित कर्मियों की जिम्मेदारी तय होने से अस्पताल की कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को मिलेगी राहत
सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल मुख्यालय के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल में तकनीकी कर्मियों की उपलब्धता मरीजों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अब नियमित संचालन पर नजर
करीब दो दशक बाद ड्रेसर की तैनाती, पहली बार ओटी असिस्टेंट की उपलब्धता और एक्स-रे जांच से जुड़े दो कर्मियों के योगदान से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, इन सुविधाओं का नियमित और प्रभावी संचालन ही मरीजों को इसका वास्तविक लाभ दिला सकेगा। अस्पताल में नए कर्मियों की उपलब्धता के बाद अब मरीजों को इन सेवाओं का कितना और कितना नियमित लाभ मिलता है, यह आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण रहेगा।
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