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चंद्रा टाइम्स

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सहरसा में ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम, जीविका के 20 साल के सफर और महिला सशक्तिकरण पर हुई चर्चा



सहरसा। चंद्रा टाइम्स न्यूज़ डेस्क।
सहरसा शहर के डीबी रोड स्थित पूजा बैंक्विट में जीविका के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘नीतीश संवाद—जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री रत्नेश सदा, पूर्व विधायक सह जदयू जिलाध्यक्ष गुंजेश्वर साह सहित जीविका से जुड़े पदाधिकारी, कार्यकर्ता और अन्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान जीविका के दो दशक के सफर, इसकी उपलब्धियों और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में आए बदलावों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने जीविका के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयासों को रेखांकित किया।

स्वयं सहायता समूहों से महिलाओं को मिला आर्थिक आधार

कार्यक्रम में बताया गया कि जीविका से जुड़कर बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों का हिस्सा बनी हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं में नियमित बचत की आदत विकसित हुई है। जरूरत के समय समूहों के माध्यम से ऋण की सुविधा मिलने के साथ ही महिलाओं को विभिन्न प्रकार की स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़ने का अवसर भी मिला है।

महिलाएं कृषि, पशुपालन, छोटे व्यवसाय और अन्य आयमूलक गतिविधियों के जरिए अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही हैं। वक्ताओं के अनुसार, इन गतिविधियों का प्रभाव केवल महिलाओं की व्यक्तिगत आर्थिक स्थिति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी बदलाव आया है।



आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ बढ़ी सामाजिक भागीदारी

कार्यक्रम में इस बात पर भी चर्चा हुई कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के बाद महिलाओं की परिवार और समाज में भागीदारी बढ़ी है। आर्थिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें अपने परिवार से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में भी अधिक भागीदारी का अवसर दिया है।

वक्ताओं ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। ग्रामीण महिलाओं को एक मंच पर जोड़कर उन्हें बचत, ऋण, स्वरोजगार और विभिन्न आयमूलक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में जीविका ने काम किया है।

जीविका से जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों को किया गया रेखांकित

कार्यक्रम के दौरान जीविका से जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों और उनके अनुभवों को भी सामने रखा गया। वक्ताओं ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में जीविका के माध्यम से महिलाओं के बीच आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और सामुदायिक भागीदारी को भी मजबूत करने का प्रयास किया गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को छोटे स्तर के व्यवसाय, कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन और अन्य रोजगारपरक कार्यों से जोड़ने से उनके लिए आय के नए अवसर पैदा हुए हैं। इससे कई परिवारों की आजीविका को भी सहारा मिला है।

आने वाले समय में विस्तार पर जोर

कार्यक्रम में जीविका की उपलब्धियों को समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और ज्यादा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में चल रहे प्रयासों को आगे भी व्यापक स्तर पर जारी रखने की आवश्यकता है।

‘नीतीश संवाद—जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के माध्यम से जीविका के 20 वर्षों के सफर, महिला सशक्तिकरण में इसकी भूमिका और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में इसके योगदान पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जीविका से जुड़े अनुभवों और उपलब्धियों को साझा करते हुए भविष्य में महिला समूहों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

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