मधेपुरा | 1 अक्टूबर 2026
चंद्रा टाइम्स न्यूज़ डेस्क
मधेपुरा जिले के चौसा थाना क्षेत्र अंतर्गत कलासन में बुधवार की देर रात एक दिल दहला देने वाली हत्या की वारदात सामने आई है। अज्ञात अपराधियों ने एक निहत्थे टेंट मजदूर बबलू मेहता की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में दहशत और शोक का माहौल है।
मृतक की पहचान रसलपुर धुरिया पंचायत के वार्ड संख्या चार, कलासन निवासी स्वर्गीय कमलेश्वरी मेहता के पुत्र बबलू मेहता के रूप में हुई है। वह टेंट का काम और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, बबलू बुधवार की रात काम खत्म करने के बाद घर लौट रहे थे, तभी घर से करीब 100 मीटर पहले उन पर फायरिंग की गई।
स्थान: कलासन, चौसा थाना क्षेत्र, मधेपुरा
वारदात कलासन बाजार के पास उस समय हुई, जब बबलू मेहता टेंट का सामान अनलोड कराने के बाद पैदल अपने घर लौट रहे थे। बताया गया है कि रात करीब साढ़े 10 बजे के बाद वह घर की ओर निकले थे।
घर से महज करीब 100 मीटर पहले अंधेरे में घात लगाए अपराधियों ने उन पर गोली चला दी। गोली लगने के बाद भी बबलू ने हिम्मत नहीं छोड़ी और गंभीर रूप से घायल अवस्था में अपने घर की ओर दौड़ पड़े।
बताया जा रहा है कि उनके शरीर में गोलियां लगी थीं। लहूलुहान हालत में किसी तरह वह अपने घर के आंगन तक पहुंचे, लेकिन दरवाजे पर पहुंचते ही अचेत होकर गिर पड़े।
परिजनों ने जब उन्हें खून से लथपथ देखा तो घर में चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जुट गए और घायल बबलू को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौसा ले जाया गया।
अस्पताल पहुंचने के बाद बिगड़ी स्थिति
बबलू को तत्काल चौसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। बाद की रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें बेहतर इलाज के लिए आगे रेफर किया गया था। इलाज के दौरान उनकी हालत गंभीर बनी रही और अंततः उनकी मौत हो गई।
बबलू की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस व्यक्ति के घर लौटने का इंतजार परिजन कर रहे थे, उसकी हत्या की खबर ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।
गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए मामले की जांच तेज कर दी है।
बबलू का किसी से विवाद था या नहीं, जांच का विषय
परिजनों के अनुसार बबलू मेहता का किसी से कोई विवाद या दुश्मनी नहीं थी। उनकी पत्नी सलिता देवी ने बताया कि बबलू सामान्य रूप से मजदूरी और टेंट के काम से जुड़े हुए थे तथा परिवार का पालन-पोषण करते थे।
परिवार के मुताबिक उन्हें किसी तरह की धमकी मिलने की भी जानकारी नहीं थी।
इसी वजह से हत्या की घटना ने ग्रामीणों को हैरान कर दिया है। आखिर एक मजदूर को घर से कुछ ही दूरी पर निशाना क्यों बनाया गया, यह सवाल अब पुलिस जांच के केंद्र में है।
हालांकि, हत्या के पीछे का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
दो बाइक पर सवार बदमाशों की बात सामने आई
स्थानीय रिपोर्ट में बताया गया है कि हमले के समय दो बाइक पर सवार कई बदमाशों द्वारा गोलीबारी किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, हमलावरों की पहचान और उनकी संख्या को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अपराधियों ने बबलू को पहले से निशाना बनाया था या घटना अचानक हुई।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि अपराधियों ने बबलू की गतिविधियों पर नजर रखी थी या उन्हें उनके रात में घर लौटने की जानकारी पहले से थी।
घटनास्थल पर पहुंचे एसडीपीओ पवन कुमार सिंह
घटना की सूचना मिलते ही उदाकिशुनगंज के एसडीपीओ पवन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिवार तथा स्थानीय लोगों से घटना की जानकारी ली।
एसडीपीओ पवन कुमार सिंह के अनुसार, पुलिस हत्या के कारण और इसमें शामिल अपराधियों की पहचान करने के लिए जांच कर रही है। आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है और संभावित भागने के रास्तों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या हमलावरों ने बबलू को पहले से टारगेट किया था।
पुलिस के सामने कई सवाल
इस हत्याकांड में पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं।
बबलू को गोली मारने की वजह क्या थी?
क्या हमलावर पहले से घात लगाकर बैठे थे?
क्या बबलू को किसी व्यक्ति से खतरा था?
क्या अपराधियों ने उनकी रेकी की थी?
वारदात में कितने लोग शामिल थे?
और गोली चलाने के बाद अपराधी किस रास्ते से फरार हुए?
इन सभी सवालों का जवाब पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।
परिवार में मचा कोहराम
बबलू मेहता की हत्या के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी सलिता देवी सहित परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, बबलू अपने पीछे पत्नी और बच्चों सहित परिवार को छोड़ गए हैं। उनकी मौत से परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों के अनुसार बबलू मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का जीवन चलाते थे। उनकी अचानक हुई हत्या से गांव के लोग भी सदमे में हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश, जल्द गिरफ्तारी की मांग
घटना के बाद कलासन और आसपास के इलाके में लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस जल्द से जल्द अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करे और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाए।
लोगों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को उसके घर से महज 100 मीटर की दूरी पर गोली मार दी जाती है, तो यह इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता का विषय है।
हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या समूह पर हत्या का आरोप लगाना उचित नहीं होगा।
तकनीकी जांच से खुल सकता है राज
हत्या की गुत्थी सुलझाने में तकनीकी जांच अहम भूमिका निभा सकती है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाकों में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सकती है। इसके अलावा घटना के समय सक्रिय मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से भी अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश की जा सकती है।
पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले या बाद में किसी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन को इलाके में देखा गया था या नहीं।
पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई
गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट हत्या से जुड़े चिकित्सकीय तथ्यों की जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अपराधियों की पहचान तथा हत्या के कारण का पता लगाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर काम किया जा रहा है।
फिलहाल इस हत्याकांड का सबसे बड़ा सवाल यही है कि बबलू मेहता को आखिर क्यों निशाना बनाया गया।
एक मेहनतकश टेंट मजदूर, जो रात में अपना काम खत्म कर घर लौट रहा था, घर पहुंचने से महज कुछ कदम पहले अपराधियों की गोली का शिकार हो गया। गोली लगने के बाद भी वह जान बचाने के लिए अपने घर तक पहुंचा, लेकिन जिंदगी की जंग नहीं जीत सका।
अब परिवार और ग्रामीणों की नजर पुलिस जांच पर टिकी है। पुलिस का कहना है कि हत्या की वजह और अपराधियों की पहचान के लिए जांच जारी है तथा जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।
चंद्रा टाइम्स न्यूज़ डेस्क लगातार इस मामले से जुड़ी पुलिस कार्रवाई और जांच की प्रगति पर नजर बनाए हुए है।
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