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चंद्रा टाइम्स

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सहरसा के अन्नू हॉस्पिटल में नवजात की मौत, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप

सहरसा के काशनगर स्थित अन्नू हॉस्पिटल में नवजात की मौत के बाद अस्पताल परिसर में प्रदर्शन (Saharsa Annu Hospital Newborn Death Case)


सहरसा (Saharsa): बिहार के सहरसा जिले के काशनगर स्थित अन्नू हॉस्पिटल (Annu Hospital Kashnagar) में चार दिन के नवजात की मौत के बाद शुक्रवार शाम परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए नवजात के शव को अस्पताल के मुख्य द्वार पर रखकर प्रदर्शन किया। वहीं, अस्पताल संचालक डॉ. मुकेश कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बच्चे को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया था।

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जन्म के बाद तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में कराया गया था भर्ती

मिली जानकारी के अनुसार, खगड़िया जिले के संसारपुर गांव निवासी अखिलेश पासवान की पत्नी काजल कुमारी ने 1 सितंबर को बच्चे को जन्म दिया था। परिजनों का कहना है कि जन्म के समय नवजात की हालत सामान्य थी। इसके बाद 5 सितंबर को तबीयत बिगड़ने पर बच्चे को इलाज के लिए सहरसा जिले के काशनगर स्थित अन्नू हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

शुक्रवार शाम नवजात की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इलाज के दौरान बरती गई कथित लापरवाही की जांच की मांग की।

नवजात के इलाज के लिए 30 हजार रुपये लेने का आरोप

परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल संचालक डॉ. मुकेश कुमार ने नवजात के इलाज के लिए 30 हजार रुपये लिए थे। इसके बावजूद बच्चे की जान नहीं बच सकी।

परिजनों का कहना है कि जब नवजात की हालत गंभीर हो रही थी, तब उसे समय रहते बेहतर चिकित्सा सुविधा वाले बड़े अस्पताल में रेफर किया जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चे की बिगड़ती हालत के बावजूद उचित इलाज और रेफरल की व्यवस्था समय पर नहीं की गई।

हालांकि, इलाज में लापरवाही और रेफरल में देरी से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में चिकित्सकीय तथ्यों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अस्पताल संचालक डॉ. मुकेश कुमार ने क्या कहा?

अस्पताल संचालक डॉ. मुकेश कुमार ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया। उनके अनुसार, नवजात को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया था।

इस मामले में परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के बयान अलग-अलग हैं। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इलाज की प्रक्रिया, रेफरल के समय और नवजात की चिकित्सकीय स्थिति को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

आवेदन मिलने पर जांच करेगी काशनगर पुलिस

घटना के संबंध में काशनगर थानाध्यक्ष बजरंगी कुमार ने बताया कि आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, नवजात की मौत के मामले में परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। पुलिस जांच और संबंधित पक्षों से प्राप्त जानकारी के आधार पर ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

Chandra Times की अपील: किसी भी अस्पताल या चिकित्सक के संबंध में लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। मामले के सभी पक्षों और उपलब्ध चिकित्सकीय तथ्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

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