सहरसा: वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धर्म जागरण मंच द्वारा स्थानीय नलकूप, पूरब बाजार सहरसा में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
इस अवसर पर धर्म जागरण मंच के जिला संयोजक सागर कुमार नन्हें ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप भारत के इतिहास में अद्वितीय साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे। उन्होंने मुगल सम्राट अकबर के आक्रमणों का डटकर सामना किया और जीवन भर स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करते रहे।
उन्होंने कहा कि हल्दीघाटी का युद्ध महाराणा प्रताप की वीरता और पराक्रम का सबसे बड़ा उदाहरण है, जहाँ सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मुगल सेना को कड़ी चुनौती दी। महाराणा प्रताप न केवल एक महान योद्धा थे, बल्कि एक कुशल शासक भी थे, जिन्होंने कभी आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। उनका प्रिय घोड़ा ‘चेतक’ भी साहस और निष्ठा का प्रतीक माना जाता है।
वक्ताओं ने युवाओं से महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्रशांत सिंह राजू, विद्या सिंह राठौर, बिटू गुप्ता, बुल्लू झा, विनीत कुमार, ऋषव झा, मानस मिश्रा, मोनू महाकाल, रोहन सिन्हा गुलशन, मनीष चौपाल, रवि सिंह, गोलू सिंह, रिशु सिंह, आर्यन सिंह, विवेक झा, विनय मिश्रा, शिवम तिवारी, बंटी झा, अभिषेक गुप्ता, विक्की चौधरी सहित कई स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
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