सहरसा में योगदान देने आ रहे बिहार पुलिस के सब इंस्पेक्टर की रास्ते में अचानक मौत ने एक पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी। जिस घर में ज्वाइनिंग की खुशी की तैयारी थी, वहां अब मातम पसरा है। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और हर आंख नम हो गई।
मृतक की पहचान सहरसा जिले के पतरघट थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव निवासी 58 वर्षीय अभिरंजन कुमार के रूप में हुई है। वे बिहार पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। 31 दिसंबर तक वे भोजपुर जिले के आरा पुलिस लाइन में पदस्थापित थे। हाल ही में उनका तबादला सहरसा हुआ था और शुक्रवार को वे भोजपुर से रिलीव होकर सहरसा पुलिस लाइन में योगदान देने आ रहे थे।
पर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। सुपौल पहुंचते-पहुंचते अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथ में मौजूद लोग उन्हें बचाने के लिए निजी अस्पताल की ओर दौड़े, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम गईं। रास्ते में ही परिवार का सहारा हमेशा के लिए चला गया।
परिजनों के अनुसार अभिरंजन कुमार चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके तीन बेटे हैं और उनकी नौकरी की कमाई से ही पूरे परिवार की परवरिश होती थी। घर के हर फैसले से लेकर बच्चों के भविष्य तक की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। ऐसे में उनका यूं अचानक चले जाना परिवार के लिए कभी न भरने वाला घाव बन गया है।
मृतक के बड़े बेटे बसंत कुमार ने कांपती आवाज में बताया कि उनके पिता की किडनी खराब थी और पटना में डायलिसिस कराने के बाद ही उन्हें सहरसा ज्वाइन कराने के लिए लाया जा रहा था। परिवार को भरोसा था कि सहरसा पहुंचते ही इलाज और देखभाल ठीक से होगी, लेकिन रास्ते में ही सब कुछ खत्म हो गया।
इधर, सहरसा सदर थाना के सब इंस्पेक्टर सनी कुमार ने बताया कि दारोगा की मौत हुई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
अभिरंजन कुमार की मौत की खबर जैसे ही लक्ष्मीपुर गांव पहुंची, पूरे गांव में सन्नाटा छा गया। हर कोई इस बात से आहत है कि जिसने जिंदगी भर वर्दी पहनकर कानून और व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाई, वह अपनी नई तैनाती तक नहीं पहुंच सका। आज उनके घर का आंगन सूना है, बच्चों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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