सहरसा। सहरसा के सिहौल चौक पर शुक्रवार दोपहर से एक दंपती अपने बेटे आयुष आनंद की हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। परिजनों ने पुलिस की निष्क्रियता को लेकर आमरण अनशन शुरू किया है।
आयुष आनंद का शव 12 जून को सहरसा सदर थाना क्षेत्र के हटियागाछी इलाके के एक कमरे से बरामद हुआ था। परिवार का आरोप है कि उनकी हत्या कर शव को बंद कमरे में रखा गया था। इस मामले को लेकर सितंबर महीने में भी परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर धरना दिया था, जिसे सदर एसडीएम के आश्वासन पर शांत कराया गया।
सहरसा पुलिस अधीक्षक के आदेश पर सुपरविजन ऑफिसर के रूप में 2 डीएसपी कमलेश्वर सिंह को जांच सौंपी गई थी, लेकिन अब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला। परिजनों ने आरोप लगाया कि सीसीटीवी फुटेज को पैसे और पैरवी के बल पर मिटाया गया है।
आयुष आनंद घर का इकलौता बेटा था और उनकी मौत से माता-पिता गहरे सदमे में हैं। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की हत्या का आरोपी अभी खुलेआम घूम रहा है। वे पुलिस से मांग कर रहे हैं कि आरोपी को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की जाए और मोबाइल लोकेशन व सीडीआर की मदद से सच्चाई सामने लाई जाए।
परिवार ने चेतावनी दी है कि जब तक मामले का खुलासा नहीं होगा, वे अन्न भी ग्रहण नहीं करेंगे और अनिश्चितकालीन धरने पर बने रहेंगे।
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