पति ने पत्नी की आंखों में अपने लिए भी सपने बुने। उन सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात एक किया, अपनी कमाई झोंक दी। लेकिन जब वही सपने हकीकत बने तो रिश्तों पर ही भारी पड़ गए। अपनों के लिए सुर बदल गए। कुछ ऐसी ही कहानी उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से सामने आई है, जहां दरोगा बनी पत्नी और उसके पति के बीच अब कानून की लड़ाई चल रही है।
दरोगा बनी पत्नी पायल रानी को गोद में उठाकर झूमता नजर आने वाला शख्स गुलशन आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। गुलशन का कहना है कि उसने पायल के साथ मिलकर जो सपने बुने थे, वे पूरे तो हुए, लेकिन उन्हीं सपनों ने उसका घर उजाड़ दिया।
गुलशन के मुताबिक, उसने अपनी पत्नी पायल रानी को दरोगा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अपनी सारी कमाई पत्नी के करियर पर लगा दी। उसे भरोसा था कि सरकारी नौकरी लगते ही जिंदगी संवर जाएगी। समाज में इज्जत मिलेगी, इलाके में रुतबा होगा। लेकिन गुलशन का आरोप है कि जैसे ही पायल ने वर्दी पहनी, सबसे पहले उसी पर और उसके परिवार पर केस दर्ज करा दिया। इससे गुलशन के पैरों तले जमीन खिसक गई।
क्या है पूरा मामला?
हापुड़ के गणेशपुरा मोहल्ले की रहने वाली सब इंस्पेक्टर पायल रानी वर्तमान में बरेली में तैनात हैं। उन्होंने 13 नवंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक हापुड़ को शिकायत देकर आरोप लगाया कि शादी के समय मायके वालों ने भरपूर दहेज दिया था, इसके बावजूद ससुराल वाले संतुष्ट नहीं थे। आरोप है कि शादी के बाद पति गुलशन, सास-ससुर और अन्य रिश्तेदारों ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। पायल का कहना है कि उनसे एक लाख रुपये नकद और एक कार की मांग की जा रही थी, और मांग पूरी न होने पर उन्हें प्रताड़ित किया गया।
गुलशन का दावा—2016 से साथ हैं
पिलखुवा क्षेत्र के पठा हुसैनपुर गांव निवासी गुलशन का दावा है कि वह और पायल साल 2016 से साथ हैं। दोनों ने साथ पढ़ाई की और 2021 में कोर्ट मैरिज की। गुलशन का कहना है कि पायल आगे पढ़कर कुछ बनना चाहती थी, इसलिए उसने हर तरह से उसका साथ दिया। आखिरकार 2023 में पायल का चयन सब इंस्पेक्टर के पद पर हो गया।
पोस्टिंग के बाद बढ़ा विवाद
गुलशन के अनुसार, पायल की पहली पोस्टिंग बरेली में हुई। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। 17–18 महीने से ज्यादा समय हो गया, लेकिन पायल घर नहीं आई। गुलशन का आरोप है कि इसी दौरान उस पर झूठे आरोप लगाए गए और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। गुलशन का यह भी आरोप है कि मामला निपटाने के नाम पर उससे 20 लाख रुपये की मांग की जा रही है, जबकि वह इतना सक्षम नहीं है।
अब खुद पढ़ाई शुरू की
गुलशन का कहना है कि उसने अब खुद भी पढ़ाई शुरू कर दी है, ताकि अपने पैरों पर खड़ा हो सके। जिस पत्नी के सहारे वह जिंदगी की नैया पार करने चला था, उसी पत्नी ने उसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ऐसे में वह हापुड़ एसपी कार्यालय पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई। उसने पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कैसे हुआ विवाद?
गुलशन का कहना है कि पति-पत्नी के बीच आपसी अनबन हुई थी। इसके बाद पायल इतनी नाराज हो गई कि उसने घर आने से मना कर दिया और फिर वापस नहीं आई। गुलशन का दावा है कि अगर पायल आज भी घर लौट आए तो उसे कोई आपत्ति नहीं है और वह अब भी पत्नी के साथ रहना चाहता है।
अब सवाल यही है कि इस पूरे मामले में दरोगा बनी पायल सही हैं या गुलशन? क्या वर्दी पहनते ही रिश्तों के मायने बदल गए, या फिर पायल ने सच सामने लाने की हिम्मत दिखाई? सच्चाई क्या है, यह तो पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा। हापुड़ एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सबूत जुटाए जा रहे हैं।
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