सहरसा। संत लक्ष्मीनाथ गोसाई महोत्सव में भाग लेने सहरसा आ रहे देश के प्रसिद्ध युवा शास्त्रीय संगीतकार पंडित सिद्धार्थ बनर्जी जब बनगांव पहुंचे तो वहां स्थित संत लक्ष्मीनाथ गोसाई की कुटी को देखकर तुरंत वाहन से उतर गए और श्रद्धा के साथ आराधना में लीन हो गए। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके कलाकार की यह विनम्रता वहां मौजूद लोगों के लिए प्रेरणादायक बन गई।
सहरसा के प्रेक्षा गृह में 15 मार्च को आयोजित होने वाले संत लक्ष्मीनाथ गोसाई महोत्सव में पंडित सिद्धार्थ बनर्जी अपनी विशेष प्रस्तुति देंगे। इस कार्यक्रम को लेकर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों के कला प्रेमियों और संगीत रसिकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।
बनारस घराने की परंपरा से जुड़े पंडित सिद्धार्थ बनर्जी अपनी अनूठी वादन शैली और सिद्धवीणा की मधुर धुन के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं। महोत्सव के मंच से वे भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। कम समय में अपनी साधना और प्रतिभा के दम पर उन्होंने संगीत जगत में अलग पहचान बनाई है। उनकी सिद्धवीणा की प्रस्तुति श्रोताओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत की गहराई और आध्यात्मिकता से रूबरू कराती है।
पंडित सिद्धार्थ बनर्जी ने अपनी कला के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष पहचान बनाई है। वे न्यूज़ीलैंड सहित कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को विश्व मंच पर प्रस्तुत कर चुके हैं।
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा ने बताया कि संत लक्ष्मीनाथ गोसाई महोत्सव के अवसर पर इस वर्ष कई सांस्कृतिक और शास्त्रीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में पंडित सिद्धार्थ बनर्जी की प्रस्तुति इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगी।
जिला प्रशासन और कला एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को भारतीय शास्त्रीय संगीत और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
सहरसा के प्रेक्षा गृह में आयोजित होने वाला यह महोत्सव शहर के सांस्कृतिक परिदृश्य को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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