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चंद्रा टाइम्स

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Saharsa News: सहरसा में 17 वर्षीय लेखक अर्पित रंजन की पुस्तक “आकांक्षी” का विमोचन समारोह सम्पन्न



सहरसा, संत नगर वार्ड नंबर 4 निवासी अर्पित रंजन, पिता राजीव रंजन ने मात्र 17 वर्ष की उम्र में अपनी दूसरी पुस्तक “आकांक्षी” (Aankanshi: Sangharsh se Safalta Tak) लिखकर साहित्यिक जगत में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस पुस्तक का विमोचन समारोह हाल ही में आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों, अधिकारियों और युवा प्रतिभाओं की उपस्थिति रही।

पुस्तक “आकांक्षी” वर्तमान समय के छात्रों के मानसिक संघर्ष, दबाव, सामाजिक अपेक्षाओं और भावनात्मक द्वंद्व को गहराई से प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक Amazon, Google Books और Amazon Kindle पर उपलब्ध है। जानकारी के अनुसार, पुस्तक को एक महीने के भीतर 125 से अधिक 5-स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है, जो इसकी लोकप्रियता और पाठकों के बीच स्वीकार्यता को दर्शाता है।

Blue Birds Publication द्वारा इस उपलब्धि के लिए अर्पित रंजन को प्रमाण-पत्र, मेडल और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। अब तक Amazon के माध्यम से 86 प्रतियाँ पाठकों तक पहुँच चुकी हैं, जबकि Google Books और Kindle पर 46 से अधिक पाठकों ने ई-बुक सब्सक्रिप्शन लेकर इसे पढ़ा है।

सहरसा SDO का प्रेरणादायक वक्तव्य

कार्यक्रम में उपस्थित सहरसा के एसडीओ ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह रचना आज के छात्रों के भीतर छिपे “अदृश्य दबाव” और मानसिक संघर्ष को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि यह किताब केवल प्रेरक विचारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्र जीवन की वास्तविक दिनचर्या, तनाव, समय प्रबंधन और अनुशासन को भी व्यावहारिक रूप से समझाती है।

एसडीओ ने यह भी कहा कि “आकांक्षी” यह स्पष्ट करती है कि सफलता केवल भावनाओं से नहीं बल्कि सही रणनीति, अनुशासन और मानसिक संतुलन से प्राप्त होती है। पुस्तक में मित्रता, प्रेम और सामाजिक समर्थन जैसे पहलुओं को भी शामिल किया गया है, जो इसे एक समग्र विकास (Holistic Development) पर आधारित रचना बनाता है।

#युवा मित्र रोशन कुमार की प्रतिक्रिया

कार्यक्रम में मौजूद युवा मित्र रोशन कुमार ने कहा कि आज का छात्र केवल पढ़ाई के दबाव में नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया, बदलते रिश्ते और भावनात्मक उतार-चढ़ाव से भी जूझ रहा है। “आकांक्षी” इन सभी आधुनिक समस्याओं को सहज और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक वर्तमान डिजिटल युग के छात्रों के लिए अत्यंत प्रासंगिक और उपयोगी है।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

इस अवसर पर पूर्व विधायक Alok Ranjan सहित अन्य गणमान्य अतिथि एवं प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने युवा लेखक की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

 साहित्यिक शैली और प्रभाव

समारोह में वक्ताओं ने यह भी कहा कि अर्पित रंजन की लेखन शैली सरल, प्रभावशाली और भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई है। “आकांक्षी” की भाषा पाठकों को अंत तक बांधे रखती है और छात्रों को जीवन में सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा देती है। पुस्तक में न केवल संघर्ष की कहानी है, बल्कि यह आत्मविश्वास, अनुशासन और मानसिक शांति का संदेश भी देती है।

कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ, जहाँ सभी ने युवा लेखक के उज्ज्वल भविष्य और उनकी लेखनी से लाखों युवाओं को प्रेरणा मिलने की कामना की।

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