"सीमित संसाधनों में बड़ी सफलता, दो भाई और एक बहन ने हासिल की शानदार ऑल इंडिया रैंक; पूरे गांव में जश्न"
सीमित संसाधनों में बड़ी सफलता, दो भाई और एक बहन ने हासिल की शानदार ऑल इंडिया रैंक; पूरे गांव में जश्न
सहरसा। बिहार के सहरसा जिले के बिहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत तुलसियाही गांव से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। गांव के एक साधारण किराना दुकानदार के तीनों बच्चों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 में सफलता हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद तीनों भाई-बहनों ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर यह मुकाम हासिल किया।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा जारी स्कोरकार्ड के अनुसार सबसे बड़े भाई रजनीश कुमार ने 720 में से 633 अंक प्राप्त करते हुए 99.8425917 परसेंटाइल और ऑल इंडिया रैंक (AIR) 3122 हासिल की। उन्होंने यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में प्राप्त की।
उनकी बहन साक्षी कुमारी ने 720 में से 601 अंक प्राप्त कर 99.5092242 परसेंटाइल के साथ ऑल इंडिया रैंक 9762 हासिल की। साक्षी ने भी तीसरे प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की।
वहीं सबसे छोटे भाई प्रहलाद कुमार ने अपने पहले ही प्रयास में 720 में से 565 अंक प्राप्त किए। उन्हें 98.6615297 परसेंटाइल और ऑल इंडिया रैंक 26751 मिली।
गांव के स्कूल से शुरू हुआ सफर
तीनों भाई-बहनों ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव के विद्यालय से की। रजनीश और साक्षी ने मैट्रिक सीबीएसई बोर्ड से तथा इंटरमीडिएट बिहार बोर्ड से पास किया, जबकि प्रहलाद ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट दोनों परीक्षाएं बिहार बोर्ड से उत्तीर्ण कीं।
किराना दुकान चलाकर पिता ने पूरा किया बच्चों का सपना
तीनों बच्चों के पिता रोहित कुमार गांव में एक छोटी किराना दुकान चलाते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने बच्चों की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। उनकी मां पूनम देवी ने भावुक होकर कहा कि उन्हें बचपन से ही विश्वास था कि उनके बच्चे मेहनत के बल पर एक दिन परिवार का नाम रोशन करेंगे।
सहरसा में रहकर की तैयारी
साक्षी कुमारी ने बताया कि उन्होंने कोटा, पटना या किसी बड़े शहर का रुख नहीं किया। उन्होंने सहरसा में रहकर स्थानीय कोचिंग और नियमित स्व-अध्ययन के जरिए तैयारी की। उनका सपना भविष्य में बाल रोग विशेषज्ञ (चाइल्ड स्पेशलिस्ट) बनकर गरीब और जरूरतमंद बच्चों की सेवा करना है।
समय पर परिणाम से बढ़ा छात्रों का भरोसा
पहले ही प्रयास में सफलता पाने वाले प्रहलाद कुमार ने कहा कि इस बार परीक्षा परिणाम समय पर जारी होने से छात्रों का राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने भविष्य में ऑर्थोपेडिक सर्जन बनकर समाज की सेवा करने की इच्छा जताई।
आर्थिक स्थिति सफलता की राह में बाधा नहीं
रजनीश कुमार ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि आर्थिक कमजोरी कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती। उन्होंने कहा कि उन्होंने सहरसा में रहकर सेल्फ स्टडी और स्थानीय मार्गदर्शन से तैयारी की और यह साबित किया कि दृढ़ संकल्प और लगातार मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
गांव में जश्न का माहौल
तीनों भाई-बहनों की सफलता के बाद तुलसियाही गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने रोहित कुमार के घर पहुंचकर तीनों सफल छात्रों को सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
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