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चंद्रा टाइम्स

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Saharsa News : सहरसा नगर निगम में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए बिचौलियों पर सख्ती, अब केवल आवेदक या परिजन ही कर सकेंगे आवेदन


सहरसा: जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया को पारदर्शी और बिचौलिया मुक्त बनाने के लिए नगर निगम सहरसा ने सख्त कदम उठाया है। कोशी प्रमंडल के उपनिदेशक (सांख्यिकी) आनंद प्रकाश पाठक ने बुधवार को नगर निगम स्थित जन्म-मृत्यु निबंधन कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गैर पारिवारिक व्यक्तियों द्वारा एक साथ कई-कई आवेदन जमा किए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

निरीक्षण के दौरान उपनिदेशक ने रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) पंकज कुमार कर्ण को स्पष्ट निर्देश दिया कि अब किसी भी स्थिति में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन केवल संबंधित आवेदक या उसके पारिवारिक सदस्य की उपस्थिति में ही स्वीकार किए जाएं। उन्होंने दलालों और बिचौलियों के माध्यम से आवेदन लेने पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया।



उन्होंने यह भी कहा कि प्रमाणपत्र प्राप्त करने के समय संबंधित व्यक्ति को स्वयं उपस्थित होना होगा और वैध पहचान पत्र की छायाप्रति जमा करनी होगी। इससे प्रमाणपत्र वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।

उपनिदेशक आनंद प्रकाश पाठक ने नगर निगम कार्यालय के सूचना पट्ट पर नई व्यवस्था से संबंधित स्पष्ट सूचना प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया, ताकि आम नागरिकों को नियमों की पूरी जानकारी मिल सके और उन्हें किसी बिचौलिये का सहारा न लेना पड़े।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर निगम क्षेत्र के सभी निबंधित एवं गैर-निबंधित निजी नर्सिंग होम की सूची तैयार करने तथा उनके संचालकों के साथ बैठक आयोजित करने का निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जन्म और मृत्यु की सूचना निर्धारित समय सीमा के भीतर रजिस्ट्रार कार्यालय को देना सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए अनिवार्य है।



उन्होंने चेतावनी दी कि जन्म एवं मृत्यु की घटनाओं की सूचना समय पर उपलब्ध नहीं कराने वाले नर्सिंग होम और संस्थानों के विरुद्ध जन्म-मृत्यु निबंधन अधिनियम, 1969 (संशोधित 2023) के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इस निरीक्षण के दौरान सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी मनोज कुमार झा भी मौजूद रहे। नगर निगम की इस नई व्यवस्था से जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और बिचौलिया मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


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