स्थानीय सर्व नारायण सिंह राम कुमार सिंह (एस.एन.एस.आर.के.एस.) कॉलेज के एनसीसी कैडेट्स ने एक बार फिर जिले और अपने संस्थान का नाम रोशन किया है। कॉलेज के दो होनहार एनसीसी कैडेट—कैडेट उज्जवल कुमार और कैडेट आशीर्वाद कुमार सिंह ने सफलतापूर्वक BDTC-V ड्रोन ट्रेनिंग कोर्स पूरा कर लिया है।
यह विशेष प्रशिक्षण शिविर 01 जुलाई 2026 से 10 जुलाई 2026 तक बरौनी में आयोजित किया गया था, जहाँ कैडेट्स को आधुनिक ड्रोन तकनीक, संचालन और उसके तकनीकी पहलुओं का गहन प्रशिक्षण दिया गया।
प्राचार्य और NCC-CT ने दी बधाई:
कैडेट्स की इस शानदार सफलता पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनंत कुमार सिंह और NCC-CT डॉ. गोपाल कुमार ने संयुक्त रूप से दोनों कैडेट्स को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। प्राचार्य डॉ. अनंत कुमार सिंह ने कहा कि हमारे छात्रों का इस तरह के तकनीकी और उन्नत शिविरों में शामिल होना पूरे कॉलेज के लिए गौरव की बात है। वहीं NCC-CT डॉ. गोपाल कुमार ने कैडेट्स की अनुशासनप्रियता और सीखने की लगन की सराहना की।
कैडेट्स ने साझा किया अपना अनुभव:
शिविर से सफल प्रशिक्षण लेकर लौटे दोनों जांबाज कैडेट्स ने अपने अनुभवों को बेहद उत्साह के साथ साझा किया। तकनीक और अनुशासन के इस संगम ने उनके देखने के नजरिए को पूरी तरह बदल दिया है:
कैडेट उज्जवल कुमार ने तकनीक के व्यावहारिक उपयोग पर जोर देते हुए कहा:
"हमारे लिए यह सिर्फ एक ट्रेनिंग नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने का एक सशक्त माध्यम था। शिविर में जब हमने पहली बार सिमुलेटर के बाद वास्तविक ड्रोन को आसमान में कमांड दी, तो वह पल रोंगटे खड़े कर देने वाला था। हमने सीखा कि इस तकनीक का उपयोग हम आपदा प्रबंधन (Disaster Management), बाढ़ या आपातकालीन स्थितियों में राहत सामग्री पहुँचाने, और सीमा सुरक्षा में निगरानी (Surveillance) के लिए कैसे कर सकते हैं। इस आधुनिक कौशल के जरिए हम न सिर्फ सेना बल्कि सिविल प्रशासन और समाज की मुश्किल वक्त में सटीक मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"
कैडेट आशीर्वाद कुमार सिंह ने प्रशिक्षण के रोमांच को साझा करते हुए बताया:
"शिविर का हर एक दिन हमारे भीतर एक नया आत्मविश्वास भर रहा था। हमने सिर्फ ड्रोन उड़ाना ही नहीं सीखा, बल्कि उसकी कोडिंग, एयर-मैपिंग, एयरस्पेस गाइडलाइंस और विपरीत मौसम में ड्रोन को सुरक्षित लैंड कराने जैसी बेहद जटिल बारीकियां भी सीखीं। अनुशासित सैन्य माहौल में तकनीक और राष्ट्र-सेवा के इस बेहतरीन तालमेल ने हमारी सोच को एक नया आयाम दिया है। यह प्रशिक्षण हमारे जीवन के सबसे यादगार और गौरवशाली अनुभवों में से एक रहेगा।"
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