बिहार की राजधानी पटना से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पटना नगर निगम की मेयर सीता साहू को उन्हीं के नगर निगम की ओर से नोटिस जारी किया गया है। अजीमाबाद अंचल प्रशासन ने मेयर सीता साहू और उनके परिवार से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पटना नगर निगम अब उन आवासीय मकानों पर शिकंजा कस रहा है, जहां बिना अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। निगम प्रशासन ने पटना शहर के सभी छह अंचलों में ऐसे कुल 26 हजार 746 मकानों को चिह्नित किया है। अब इन मकानों पर सीलिंग की कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है।
इसी कार्रवाई के तहत पटना सिटी के बड़ी पटन देवी गली, महाराजगंज स्थित एक परिसर को लेकर नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस भू-स्वामी शिशिर कुमार, मेयर सीता देवी और सुशांत के नाम पर जारी किया गया है।
नगर निगम के नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि अगर आवासीय क्षेत्र में गैर-आवासीय गतिविधि संचालित की जा रही है, तो संबंधित पक्ष को 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देना होगा। साथ ही, वैध दस्तावेज, स्वीकृत नक्शा और परिसर के उपयोग से जुड़ी पूरी जानकारी भी देनी होगी।
निगम प्रशासन ने पूछा है कि आखिर आवासीय क्षेत्र में गैर-आवासीय गतिविधि किस आधार पर चलाई जा रही है और इसके लिए क्या वैध अनुमति ली गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर तय समय सीमा के भीतर जवाब नहीं दिया गया, तो आगे क्या होगा?
तो बता दें कि नगर निगम ने नोटिस में साफ चेतावनी दी है कि अगर संबंधित पक्ष 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब और वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करता है, तो यह माना जा सकता है कि उसके पास अपने पक्ष में देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है।
ऐसी स्थिति में नगर निगम उस परिसर के गैर-आवासीय इस्तेमाल को अवैध मानते हुए सीलिंग की कार्रवाई कर सकता है।
यानी, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रही इस कार्रवाई में अब कोई भी बड़ा या छोटा नाम बचता नजर नहीं आ रहा है। पटना नगर निगम की मेयर सीता साहू को नोटिस जारी होना भी इसी कार्रवाई को लेकर अब चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
अब देखना होगा कि मेयर सीता साहू और उनके परिवार की ओर से 24 घंटे के भीतर क्या जवाब दिया जाता है और नगर निगम इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।
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