Dr. Alok Ranjan Jha
सहरसा की राजनीति में डॉ. आलोक रंजन झा का नाम लंबे समय से सक्रिय नेताओं में लिया जाता है। भारतीय जनता पार्टी से जुड़े डॉ. आलोक रंजन सहरसा विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे और वर्ष 2021 में बिहार सरकार में मंत्री भी बने। उनका राजनीतिक सफर संगठन की जिम्मेदारियों से लेकर विधानसभा और राज्य सरकार में मंत्री पद तक पहुंचा।
डॉ. आलोक रंजन का राजनीतिक जुड़ाव 1990 के दशक से बताया जाता है। उपलब्ध सार्वजनिक चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार उनका जन्म स्वर्गीय प्रमोद झा के परिवार में हुआ। उनकी शैक्षणिक योग्यता डॉक्टरेट है। उन्होंने बीएन मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा से स्नातकोत्तर की पढ़ाई 1996 में पूरी की और 2007 में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
भाजपा संगठन में भी उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वर्ष 2003 में उन्हें पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद जिला सदस्यता प्रभारी की जिम्मेदारी भी मिली। वर्ष 2006 से 2009 के बीच उन्होंने भाजपा के जिलाध्यक्ष के रूप में काम किया। संगठन में इन जिम्मेदारियों के बाद उनका राजनीतिक प्रभाव सहरसा विधानसभा क्षेत्र में और मजबूत हुआ।
वर्ष 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में डॉ. आलोक रंजन ने भाजपा के टिकट पर सहरसा विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। वर्ष 2015 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने दोबारा सहरसा सीट से जीत दर्ज की।
2020 में विधायक बनने के बाद उनके राजनीतिक सफर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव आया। 9 फरवरी 2021 को उन्हें बिहार सरकार में मंत्री बनाया गया। उपलब्ध विधानसभा रिकॉर्ड के अनुसार उनका मंत्री पद 9 अगस्त 2022 तक रहा। इस दौरान उन्हें कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी।
विधायक के रूप में उनके कार्यकाल में विधानसभा में भी उनकी सक्रियता दर्ज रही। PRS Legislative Research के उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने 55 प्रश्न पूछे थे, जबकि उपलब्ध आंकड़ों में विधायकों का औसत 42.9 प्रश्न था।
सहरसा में विधायक के तौर पर डॉ. आलोक रंजन स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सक्रिय रहे। स्वास्थ्य सुविधाओं, सड़क निर्माण, जलजमाव और शहरी आधारभूत संरचना से जुड़े मामलों पर उनकी गतिविधियां सामने आती रही हैं।
जून 2025 में उन्होंने कहरा प्रखंड के बसौना गांव में निर्माणाधीन प्री-फैब हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निरीक्षण किया था। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने भवनहीन स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़े प्रस्तावों और स्वीकृत निर्माण कार्यों को लेकर जानकारी दी थी।
इसी दौरान कहरा कुटी से डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक, जज कॉलोनी होते हुए बैंगहा मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर भी जानकारी सामने आई। उपलब्ध रिपोर्ट में करीब 3.75 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण के लिए 15 करोड़ रुपये की स्वीकृति की बात कही गई थी।
सितंबर 2025 में सहरसा शहर की सड़क और स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज परियोजना से जुड़े मुद्दे को लेकर भी उनकी सक्रियता सामने आई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने BUDCO के प्रबंध निदेशक से मुलाकात कर बरियाही क्षेत्र की सड़क तथा जलजमाव से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की थी।
डॉ. आलोक रंजन ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भी सहरसा सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। चुनावी हलफनामे में उनकी उम्र 51 वर्ष, शैक्षणिक योग्यता डॉक्टरेट तथा पेशा सामाजिक कार्य एवं व्यवसाय दर्ज था। हलफनामे में उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला घोषित नहीं किया गया था।
2025 के चुनाव परिणाम में सहरसा विधानसभा सीट पर डॉ. आलोक रंजन को 1,12,998 वोट मिले, जबकि इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता को 1,15,036 वोट मिले। उपलब्ध परिणाम के अनुसार इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता 2,038 मतों के अंतर से निर्वाचित हुए।
इस चुनाव परिणाम के साथ सहरसा विधानसभा में डॉ. आलोक रंजन का लगातार विधायक रहने का दौर समाप्त हुआ। हालांकि, 1990 के दशक से शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर भाजपा संगठन, विधानसभा और बिहार सरकार में मंत्री पद तक पहुंचने वाला रहा है। सहरसा की स्थानीय राजनीति में उनका लंबा संगठनात्मक और चुनावी अनुभव उन्हें क्षेत्र के चर्चित राजनीतिक चेहरों में शामिल करता है।
.jpg)
0 Comments