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चंद्रा टाइम्स

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Saharsa News : ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2026 को लेकर सहरसा में एक दिवसीय प्रशिक्षण, स्रोत पर कचरा पृथक्करण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण पर जोर



सहरसा। भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर नगर निगम सहरसा द्वारा 21 सितंबर को प्रेक्षागृह, सहरसा में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्रोत पर कचरा पृथक्करण, वैज्ञानिक प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण और सुरक्षित निस्तारण को बढ़ावा देना रहा।

प्रशिक्षण में जनप्रतिनिधियों, सफाई पर्यवेक्षकों एवं सफाई कर्मियों को कचरा प्रबंधन की नई व्यवस्था, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, परिवहन, वैज्ञानिक प्रसंस्करण एवं पुनर्चक्रण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

इस दौरान कचरे को चार श्रेणियों में अलग-अलग रखने पर विशेष जोर दिया गया। इनमें गीले कचरे में भोजन के अवशेष, फल-सब्जियों के छिलके और फूल आदि, जबकि सूखे कचरे में कागज, प्लास्टिक, धातु और कांच को शामिल किया गया। सैनिटरी कचरे में डायपर एवं सैनिटरी पैड तथा स्पेशल केयर कचरे में बैटरी, बल्ब, एक्सपायर्ड दवाइयां और पेंट के डिब्बे जैसे कचरे को अलग रखने की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में स्रोत पर कचरा पृथक्करण को प्रभावी बनाने, लैंडफिल पर निर्भरता कम करने तथा कचरे के अधिकतम पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने स्वच्छ एवं कचरा मुक्त शहर के निर्माण में प्रशासन, नगर निकाय, जनप्रतिनिधियों, सफाई कर्मियों और आम नागरिकों की सामूहिक भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रभावी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल नगर निकाय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता से ही स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ शहर का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम में नगर आयुक्त, नगर निगम सहरसा, महापौर बैन प्रिया, उप नगर आयुक्त, स्वच्छता पदाधिकारी देवेंद्र प्रसाद, प्रशिक्षण फैसिलिटेटर पवन झा, SKS Waste Management Services (OPC) Pvt. Ltd. के प्रतिनिधि, नगर निगम के पार्षदों सहित जिले के विभिन्न नगर निकायों के मुख्य पार्षद, उप मुख्य पार्षद, पार्षद, कार्यपालक पदाधिकारी, सफाई पर्यवेक्षक, सफाई कर्मी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।

प्रशिक्षण के माध्यम से उपस्थित लोगों को अपने-अपने क्षेत्रों में कचरा पृथक्करण, स्वच्छता व्यवहार और जिम्मेदार नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक जानकारी एवं व्यवहारिक दिशा-निर्देश दिए गए।

नगर निगम की ओर से लोगों से अपील की गई कि कचरे को अलग-अलग रखें, स्वच्छता अपनाएं और स्वच्छ सहरसा के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

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