सहरसा। शहर के बंफर चौक के पास अभिजीत सिंह राजपूत की घर में गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। घटना के बाद से तलाश में जुटी पुलिस ने मृतक के दोस्त आर्यन को पटना से गिरफ्तार कर लिया है। आर्यन के घटना के बाद से गायब होने की बात सामने आई थी और पुलिस उसकी तलाश में सहरसा के अलावा दूसरे जिलों में भी छापेमारी कर रही थी।
आर्यन की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उससे पूछताछ कर घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। हालांकि, उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हत्याकांड में उसकी वास्तविक भूमिका क्या रही है।
गाड़ी खरीदने के लिए पैसे समेत कई बिंदुओं पर जांच
पुलिस इस हत्याकांड की जांच कई संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर कर रही है। अनुसंधान में गाड़ी खरीदने के लिए पैसे लेने से जुड़े मामले को भी जांच के दायरे में रखा गया है। इसके अलावा मृतक से जुड़े निजी विवाद, पुरानी दुश्मनी और अन्य पुराने मामलों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
आर्यन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ के माध्यम से यह जानने का प्रयास कर सकती है कि घटना से पहले और बाद में उसकी गतिविधियां क्या थीं और उसका मृतक के साथ किस तरह का संबंध था।
घटना के बाद दरभंगा में होने की कही थी बात
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार की सुबह आर्यन ने अपने कुछ दोस्तों को फोन कर दरभंगा में होने की बात कही थी। इसके बाद उसका मोबाइल बंद होने की जानकारी सामने आई थी। शुक्रवार शाम उसके फेसबुक अकाउंट से “मिस यू भैया” लिखा एक पोस्ट भी किए जाने की बात कही गई थी।
हालांकि, इन गतिविधियों के आधार पर उसकी भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया था। पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों की तलाश कर रही थी और आखिरकार उसे पटना से गिरफ्तार किया गया।
घटनास्थल को पुलिस ने किया था सील
घटना के बाद शुक्रवार को पुलिस ने मृतक के घर की जांच की थी। साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका को देखते हुए घर को सील कर दिया गया था, ताकि घटनास्थल सुरक्षित रहे और आगे की वैज्ञानिक जांच की जा सके।
शनिवार को सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान और एफएसएल टीम भी घटनास्थल पर पहुंची थी। टीम का उद्देश्य घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाना था।
ताला लगा होने के कारण नहीं हो सकी फोरेंसिक जांच
एफएसएल टीम के घटनास्थल पर पहुंचने के समय मृतक के गांव गढ़ बरूआरी में दाह संस्कार को लेकर परिवार और परिचितों के चले जाने की जानकारी सामने आई। इसी दौरान घर के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा था और चाबी भी साथ ले जाने की बात कही गई।
इस कारण उस समय एफएसएल टीम घर के अंदर जाकर फोरेंसिक जांच नहीं कर सकी। अब आर्यन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच में पूछताछ के साथ-साथ घटनास्थल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गिरफ्तारी के बाद खुल सकते हैं कई राज
आर्यन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब घटना से जुड़े कई सवालों के जवाब तलाशने में जुटी है। हत्या के पीछे आर्थिक कारण था या निजी विवाद, गाड़ी खरीदने के लिए पैसे लेने का मामला घटना से किस तरह जुड़ा है और घटना के समय आर्यन की मौजूदगी या गतिविधियां क्या थीं—इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस की ओर से हत्याकांड में आर्यन की भूमिका को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस पूछताछ और आगे की जांच के बाद ही मामले में उसकी भूमिका तथा हत्या के पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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