मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सहरसा जाने वाली फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन (05558) ने इस बार देरी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। त्योहारी सीजन में जब ट्रेनें पहले से ही भीषण वेटिंग और भीड़ से भरी हैं, तब यह ट्रेन पूरे 67 घंटे की भयंकर देरी से रवाना हुई। यात्रियों के लिए यह इंतजार किसी परीक्षा से कम नहीं रहा।
नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) के मुताबिक, ट्रेन को 6 नवंबर की सुबह 7:55 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस से खुलना था। लेकिन लिंक रैक उपलब्ध नहीं होने के कारण वेस्टर्न रेलवे को ट्रेन री-शेड्यूल करनी पड़ी। आधिकारिक तौर पर रेलवे ने 65 घंटे 05 मिनट का री-शेड्यूल घोषित किया, जिसके बाद यह ट्रेन 9 नवंबर की तड़के 2:49 बजे जाकर मुंबई से रवाना हो सकी।
हर साल त्योहारों के समय रेलवे अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन करता है ताकि प्रवासी यात्री अपने घर सुरक्षित और समय पर पहुंच सकें, लेकिन इस बार की अव्यवस्था ने रेलवे की “फेस्टिवल प्लानिंग” पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
📍 यात्रियों की टिप्पणी:
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“रेलवे ने त्योहार का मजा खराब कर दिया।”
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“ट्रेन स्पेशल थी, पर इंतजार और भी स्पेशल हो गया।”
त्योहारी रफ्तार में फंसी यह ट्रेन अब यात्रियों की नाराजगी और रेलवे की तैयारी — दोनों की असल तस्वीर दिखा रही है।
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