शिक्षा विभाग ने अंतर जिला स्थानांतरण के तहत नए जिले प्राप्त कर चुके शिक्षकों के लिए अगला महत्वपूर्ण चरण शुरू कर दिया है। विभाग ने प्रखंड एवं विद्यालय आवंटन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, जिनका पालन अब सभी जिलों में अनिवार्य रूप से किया जा रहा है। इस चरण का उद्देश्य स्थानांतरण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और आवश्यकता आधारित बनाना है, ताकि सभी स्कूलों में विषयवार संतुलित शिक्षक उपलब्ध हो सकें।
अब तक 27,171 शिक्षकों को मिला नया जिला
10 से 15 दिसंबर तक होगा प्रखंड आवंटन
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प्रखंडवार
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कक्षा-वार
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विषयवार
रिक्त पदों के आधार पर आवंटन करेगी। यह चरण 10 से 15 दिसंबर 2025 तक चलेगा।
विशेष निर्देश यह है कि यदि कोई शिक्षक पांच प्रखंडों का विकल्प नहीं देता है, तो उसे पूर्व के जिले और विद्यालय में ही पदस्थापित माना जाएगा।
ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 5 दिसंबर तक भरें प्रखंड विकल्प
जिलों को मिले निर्देश—संपूर्ण प्रक्रिया हो पारदर्शी
जिला शिक्षा विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि:
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सभी प्रखंडों में प्रक्रिया का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए
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विकल्प लेने से लेकर आवंटन तक हर चरण तकनीकी रूप से सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से किया जाए
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शिक्षकों को समय पर आवश्यक सूचना उपलब्ध कराई जाए
शिक्षा विभाग की यह पहल शिक्षक स्थानांतरण की प्रक्रिया को पहले से अधिक सरल, भरोसेमंद और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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