मामले में सामने आया है कि अमर ज्योति ने मधेपुरा के एक युवक को हिरासत में लेकर उस पर मादक पदार्थ तस्करी में फंसाने की धमकी दी थी। आरोप है कि युवक से इसी धमकी के बल पर 79 हजार रुपये की वसूली की गई। राशि मिलने के बाद युवक को छोड़ दिया गया। बाद में जब यह मामला सामने आया तो पीड़ित युवक के परिजनों ने इसकी शिकायत वरीय पुलिस अधिकारियों से की।
शिकायत मिलने के बाद एसपी के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कराई गई, जिसमें लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद अमर ज्योति सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। केस दर्ज होने के बाद से ही अमर ज्योति फरार चल रहे थे।
गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने पहले जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की, लेकिन वहां से उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद पटना हाईकोर्ट का रुख किया गया, जहां से भी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई। दोनों अदालतों से झटका लगने के बाद अंततः उन्होंने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार यह अपने आप में एक दुर्लभ मामला है, जिसमें किसी थानाध्यक्ष के खिलाफ उसी थाना क्षेत्र में आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई हो। इस कार्रवाई को पुलिस महकमे में बड़ी और सख्त पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
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