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चंद्रा टाइम्स

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Saharsa : सहरसा–मानसी रेलखंड के दोहरीकरण की उम्मीद जगी, 500 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया रेलवे बोर्ड को



कोसी इलाके की लाइफलाइन मानी जाने वाली सहरसा–मानसी रेलखंड के दोहरीकरण कार्य को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। समस्तीपुर मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने गुरुवार को बताया कि इस महत्वपूर्ण रेलखंड के दोहरीकरण के लिए 500 करोड़ रुपये का संशोधित प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति जल्द मिलने की उम्मीद है। पहले भेजा गया प्रस्ताव रेलवे बोर्ड द्वारा वापस कर दिया गया था, जिसके बाद लागत घटाकर दोबारा प्रस्ताव तैयार किया गया है।

डीआरएम ने बताया कि स्वीकृति मिलते ही सहरसा–मानसी रेलखंड पर दूसरी रेलवे लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही बदला घाट से कोपरिया के बीच कई नए पुलों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे रेल परिचालन और अधिक सुरक्षित व सुगम हो सकेगा।



उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सहरसा–लहेरियासराय नई रेल लाइन के लिए रेलवे बोर्ड ने नीति आयोग को सिफारिश भेज दी है। वहीं सहरसा से मधेपुरा और पूर्णिया रूट पर बिना इंजन रिवर्सल के ट्रेनों के संचालन के लिए एक बाईपास रेल लाइन बनाने की योजना है, जिसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट इसी माह आने की संभावना है।

सहरसा और खगड़िया जिले के मानसी स्टेशन के बीच 41 किलोमीटर लंबा यह रेलखंड फिलहाल सिंगल लाइन है, जिसके कारण ट्रेनों का परिचालन दबाव बढ़ाना मुश्किल होता है। इस मार्ग से वर्तमान में एक दर्जन से अधिक ट्रेनें दिल्ली, पटना सहित देश के विभिन्न हिस्सों के लिए यात्रियों को ले जाती हैं।



गौरतलब है कि इसी रेलखंड पर वर्ष 1981 में देश की सबसे भीषण रेल दुर्घटनाओं में से एक हुई थी, जब बागमती नदी पर बने पुल पर एक पैसेंजर ट्रेन डिरेल होकर नदी में गिर गई थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस हादसे में 200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जबकि स्थानीय स्तर पर मृतकों की संख्या 500 से अधिक बताई जाती है। दोहरीकरण से न सिर्फ परिचालन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी और मजबूत होगी।

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