जिले में वर्तमान में लगभग 3 लाख 78 हजार गैस उपभोक्ता हैं, जिनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिदिन करीब 5202 एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। वहीं, वैश्विक परिस्थितियों के कारण गैस की मांग बढ़कर 7922 सिलेंडर प्रतिदिन हो गई है, जो सामान्य आवश्यकता से अधिक है।
प्रशासन ने वाणिज्यिक उपयोग के लिए प्रतिदिन 99 सिलेंडरों की आपूर्ति पर फिलहाल रोक लगा दी है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा सके। साथ ही जेल, अस्पताल और हॉस्टल जैसे सरकारी संस्थानों में भोजन व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए गैस कंपनियों को गैर-अनुदानिक गैस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी गैस एजेंसियों को लंबित आपूर्ति (बैकलॉग) को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है। गैस आपूर्ति की निगरानी के लिए प्रखंड स्तर पर वरीय पदाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति भी की गई है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। गैस आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
किसी भी समस्या या शिकायत के लिए 24x7 कंट्रोल रूम (टोल फ्री नंबर: 06478-222753) जारी किया गया है। इस नियंत्रण कक्ष में तीन पालियों में कर्मियों की तैनाती की गई है, जिसमें दिलीप कुमार (सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक), अमित चंद्रा (दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक) और प्रताप रंजन रमन (रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक) शामिल हैं।
इसके अलावा, सदर और सिमरी बख्तियारपुर के अनुमंडल पदाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गैस वितरकों के साथ समन्वय स्थापित कर संवेदनशील स्थानों की पहचान करें और आवश्यकता अनुसार दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करें।

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