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चंद्रा टाइम्स

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Bihar News : बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, मंत्री ने किया बड़ा ऐलान !




पटना। बिहार में इसी वर्ष होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। गांव-गांव में जहां संभावित प्रत्याशी अभी से ही मतदाताओं के बीच सक्रिय होकर जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं, वहीं पंचायती राज विभाग और राज्य निर्वाचन आयोग ने भी चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस बीच पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव अपने निर्धारित समय पर ही कराए जाएंगे और इसमें किसी भी तरह की देरी नहीं होगी।

चुनाव तय समय पर होंगे: मंत्री दीपक प्रकाश
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि राज्य में पंचायत चुनाव को लेकर विभाग और निर्वाचन आयोग दोनों स्तर पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि “चुनाव इस वर्ष अपने तय समय पर ही कराए जाएंगे। इसके लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा रही हैं ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।”

जनसंख्या प्रकाशन की प्रक्रिया जारी
मंत्री ने आगे बताया कि वर्तमान में पूरे राज्य में जनसंख्या प्रकाशन का कार्य चल रहा है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद आम लोगों को आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद 9 जून को जनसंख्या का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा, जो आगे की चुनावी प्रक्रिया का आधार बनेगा।

आरक्षण रोस्टर और अन्य तैयारियां होंगी तय
अंतिम जनसंख्या प्रकाशन के बाद आरक्षण रोस्टर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके तहत विभिन्न पदों के लिए आरक्षण तय किया जाएगा। साथ ही मल्टी पोस्ट ईवीएम सहित अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है ताकि चुनाव पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।

निर्वाचन आयोग की तैयारी पहले से स्पष्ट
इस बीच राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि पंचायत आम निर्वाचन 2026 को समय पर कराया जाएगा। आयोग के अनुसार ये चुनाव मौजूदा प्रतिनिधियों के कार्यकाल समाप्ति यानी दिसंबर 2026 से पहले कराए जाएंगे।

मल्टी पोस्ट ईवीएम से होगा मतदान
आगामी पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, ग्राम कचहरी सरपंच और पंच जैसे सभी पदों के लिए मल्टी पोस्ट ईवीएम का उपयोग किया जाएगा। इससे मतदान प्रक्रिया को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाने की तैयारी है।

आरक्षण नियमों के अनुसार होगा पुनर्गठन
बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक दो क्रमिक चुनावों के बाद आरक्षण का पुनर्गठन किया जाता है। इसी के तहत वर्ष 2016 और 2021 के चुनावों के बाद अब 2026 के चुनाव से पहले सभी पदों का नया आरक्षण रोस्टर तैयार किया जाएगा।

राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
इधर जैसे-जैसे चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे गांवों में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। संभावित उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर जनता से संपर्क साधने में जुट गए हैं। आने वाले महीनों में पंचायत चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति और अधिक रोचक और निर्णायक मोड़ लेने की संभावना जताई जा रही है।

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