मधेपुरा। समाहरणालय सभाकक्ष में मंगलवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की वर्ष 2026 की दूसरी बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी ने की, जिसमें एससी-एसटी अत्याचार से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए पीड़ितों और आश्रितों को मुआवजा भुगतान की स्वीकृति दी गई।
बैठक में बताया गया कि अधिनियम के तहत दर्ज 35 मामलों में प्राथमिकी की प्रक्रिया के आधार पर 53 पीड़ितों एवं आश्रितों को मुआवजा देने की मंजूरी प्रदान की गई। वहीं आरोप पत्र दाखिल होने की प्रक्रिया पूरी होने पर 49 मामलों में 75 पीड़ितों और आश्रितों को राहत राशि स्वीकृत की गई। इस तरह कुल 128 पीड़ितों एवं आश्रितों को मुआवजा भुगतान की अनुमति दी गई है।
इसके अलावा अधिनियम के नियम 15(एक)(घ) के तहत हत्या से जुड़े मामलों में 11 आश्रितों को परिचारी पद पर सरकारी नौकरी दिए जाने की जानकारी भी बैठक में दी गई। अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि एससी-एसटी अत्याचार से जुड़े मामलों में पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा मामलों के निष्पादन में तेजी लाई जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
इसी क्रम में मैनुअल स्कैवेंजर रोजगार निषेध एवं पुनर्वास अधिनियम 2013 के तहत जिला स्तरीय निगरानी एवं सर्वेक्षण समिति की बैठक भी आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि जिले में मैनुअल स्कैवेंजर रोजगार से जुड़ा कोई मामला सामने आता है तो उस पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला कल्याण पदाधिकारी, सिविल सर्जन, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, विशेष लोक अभियोजक, सांसद एवं विधायकों के प्रतिनिधियों समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और समिति सदस्य उपस्थित थे।
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