सहरसा में मध्याह्न भोजन गड़बड़ी मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर बीईओ सह बीडीओ भरत कुमार द्वारा महिषी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इस मामले में विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका, एक सहायक शिक्षक तथा विद्यालय में कार्यरत नौ रसोइयों सहित कुल 12 लोगों को नामजद किया गया है।
जानकारी के अनुसार मामला महिषी प्रखंड स्थित म.वि. बलुआहा में मिड-डे मील वितरण के दौरान हुई गंभीर लापरवाही से जुड़ा है। गुरुवार को स्कूली बच्चों को परोसे गए भोजन में सांप का बच्चा मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। बताया जा रहा है कि विषाक्त भोजन खाने से करीब 250 बच्चे बीमार हो गए थे, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन हरकत में आया। बीईओ सह बीडीओ की ओर से दर्ज कराए गए आवेदन के आधार पर महिषी थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में थानाध्यक्ष प्रभाकर भारती ने बताया कि प्राप्त आवेदन के आलोक में प्राथमिकी दर्ज कर अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है।
इधर, इस घटना के बाद प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था की निगरानी पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा प्रतिनियुक्त प्रखंड मध्याह्न भोजन प्रभारी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
मामले में एक और बड़ा सवाल भोजन की गुणवत्ता को लेकर उठ रहा है। विभागीय निर्देश के अनुसार गुरुवार को बच्चों को चावल और हरी सब्जी युक्त मिश्रित दाल परोसी जानी थी, लेकिन विद्यालय में बच्चों को केवल सादा दाल और चावल दिए जाने की बात सामने आई है। वायरल तस्वीरों और स्थानीय जांच में यह स्पष्ट हुआ कि निर्धारित मैन्यू का पालन नहीं किया गया था।
घटना के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश है और लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है तथा संबंधित सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
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