सहरसा में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई की कार्रवाई लगातार जारी है। ताजा मामला महिषी अंचल कार्यालय से जुड़ा है, जहां जमीन की रसीद काटने के नाम पर 16 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले राजस्व कर्मचारी और उसके निजी सहयोगी को निगरानी विभाग की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार महिषी अंचल के बेलाही एवं सिरवार वीरवार हल्का में तैनात राजस्व कर्मचारी श्याम प्रसाद सिंह ने जलई थाना क्षेत्र के मनौर निवासी मोहम्मद हयात से जमीन की रसीद काटने के एवज में अवैध राशि की मांग की थी। आरोप है कि कर्मचारी और उसके निजी सहयोगी फूलचंद साह ने 16 हजार रुपये में सौदा तय किया था। परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत पटना स्थित विशेष निगरानी इकाई से की।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पूरे मामले का गुप्त सत्यापन कराया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर एक विशेष धावा दल का गठन किया गया। बुधवार को जैसे ही पीड़ित मोहम्मद हयात ने अंचल कार्यालय में केमिकल लगे 16 हजार रुपये राजस्व कर्मचारी और उसके सहयोगी को दिए, पहले से घात लगाए बैठी निगरानी टीम ने दोनों को मौके पर ही दबोच लिया।
अचानक हुई इस कार्रवाई से महिषी अंचल कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि कई कर्मचारी कार्रवाई की भनक लगते ही कार्यालय छोड़कर निकल गए। निगरानी विभाग की टीम ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
विशेष निगरानी इकाई के अपर पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार दराद ने बताया कि इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 7 तथा BNS 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत कांड संख्या 19/2026 दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को गुरुवार को पटना स्थित विशेष निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी सरकारी कर्मी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

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