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सहरसा में पूर्व विधायक, स्वतंत्रता सेनानी एवं सहरसा-सुपौल-मधेपुरा संयुक्त जिला परिषद के प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय भूषण प्रसाद गुप्ता की 52वीं पुण्यतिथि पर वैश्य समाज की ओर से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. विशाल गौरव के कार्यालय में हुआ, जहां बड़ी संख्या में समाज के लोगों और गणमान्य व्यक्तियों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
वैश्य समाज सहरसा के जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद साह ने कहा कि स्व. भूषण प्रसाद गुप्ता के अथक प्रयास और संघर्ष के कारण ही भागलपुर से अलग होकर सहरसा को जिला का दर्जा प्राप्त हुआ। उन्होंने जिला परिषद अध्यक्ष और सदस्यों से मांग करते हुए कहा कि जिला परिषद कार्यालय परिसर में स्थान उपलब्ध कराया जाए ताकि वैश्य समाज अपने खर्च पर उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित कर सके।
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दिवंगत के पुत्र एवं पूर्व विधायक विजय गुप्ता ने कहा कि स्व. भूषण प्रसाद गुप्ता ने सहरसा को जिला बनाने के लिए लगातार संघर्ष किया, जिसके परिणामस्वरूप 1 अप्रैल 1954 को सहरसा को जिला का दर्जा मिला। उन्होंने बताया कि स्व. गुप्ता ने वर्ष 1942 से 1944 तक स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई और इस दौरान भागलपुर जेल में कारावास भी झेला। उन्होंने वर्ष 1938 में वकालत की शुरुआत की थी और समाज सेवा के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजीव रंजन साह ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपने पूर्वजों के संघर्ष और गौरवशाली इतिहास को जानने की आवश्यकता है। वहीं जिला व्यापार संघ के सचिव विकास गुप्ता ने कहा कि स्व. भूषण प्रसाद गुप्ता ने एमएलटी कॉलेज की स्थापना में सचिव के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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श्रद्धांजलि सभा में वैश्य समाज के जिला कार्यकारी अध्यक्ष देवेंद्र कुमार देव, वार्ड आयुक्त कृष्णमोहन चौधरी, सुनील गुप्ता, शशि सोनी, गुरुदेव साह, राजेश दास, मिथिलेश ठाकुर, लड्डू साह, संजय गुप्ता, पंकज गुप्ता, राहुल गौरव, अमन गौरव एवं आयुष गुप्ता सहित कई लोग मौजूद रहे। सभी ने स्व. भूषण प्रसाद गुप्ता के सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
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