Live

6/recent/ticker-posts

चंद्रा टाइम्स

चंद्रा टाइम्स

Saharsa News : राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलझेंगे वर्षों पुराने विवाद, सहरसा व्यवहार न्यायालय में भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित



सहरसा व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत उद्घाटन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष दिनेश शर्मा, जिलाधिकारी दीपेश कुमार, पुलिस अधीक्षक हिमांशु सहित न्यायिक पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, अधिवक्ता, पुलिस अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम लोग उपस्थित रहे। न्यायालय परिसर में सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ती रही और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए शिविरों में मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लोगों को त्वरित, सुलभ और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में क्रिमिनल कंपाउंडेबल केस, पारिवारिक विवाद, भूमि विवाद, चेक बाउंस, प्री-लिटिगेशन मामले, बिजली-पानी बिल, ट्रैफिक चालान समेत कई प्रकार के मामलों का दोनों पक्षों की सहमति से समाधान कराया जाता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में होने वाला निर्णय अंतिम होता है, इसमें किसी प्रकार की कोर्ट फीस नहीं लगती और इसके विरुद्ध अपील का प्रावधान भी नहीं होता। वर्षों पुराने मामलों का समाधान भी एक ही बैठक में संभव हो जाता है, जिससे लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलती है।

जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत छोटे-मोटे विवादों के निपटारे के लिए एक प्रभावी मंच साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सात वर्ष से कम सजा वाले आपराधिक मामलों को भी समझौते के आधार पर बीएनएस की धारा 359 के तहत निपटाया जा सकता है। इसके अलावा चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना, बैंक ऋण वसूली, बिजली-पानी और टेलीफोन बिल, श्रम एवं वन विभाग, भूमि अधिग्रहण, राजस्व और वैवाहिक विवादों सहित ट्रांसपोर्ट एवं ट्रैफिक से जुड़े मामलों का भी समाधान यहां कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को वकील और कोर्ट फीस का अतिरिक्त खर्च नहीं उठाना पड़ता, न ही किसी पक्ष को सजा होती है। बातचीत और आपसी सहमति से विवाद का समाधान होने से लोगों को त्वरित न्याय मिलता है तथा मुआवजा और हर्जाना भी शीघ्र प्राप्त हो जाता है। डीएम ने अधिक से अधिक लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील की।

पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय लोक अदालत को ऐतिहासिक आयोजन बताते हुए कहा कि इसके सफल आयोजन के लिए डीएलएसए सचिव समेत सभी संबंधित अधिकारियों ने पिछले एक महीने से लगातार मेहनत की है। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने और मामलों के निष्पादन के लिए लगातार बैठकें एवं समन्वय किया गया। एसपी ने कहा कि ट्रैफिक चालान, बैंक, बिजली बिल और छोटे-मोटे मारपीट एवं पारिवारिक मामलों का समाधान लोक अदालत के माध्यम से आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि लंबित ट्रैफिक चालानों में 40 से 50 प्रतिशत तक की राहत भी दी जा रही है।

एसपी ने कहा कि छोटे आपराधिक मामलों के कारण कई युवाओं की नियुक्तियां रुक जाती हैं, विशेषकर पुलिस भर्ती जैसे मामलों में चरित्र सत्यापन के दौरान पुराने केस बाधा बन जाते हैं। ऐसे मामलों के त्वरित निष्पादन से युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सकता है। उन्होंने बताया कि कई मामलों का समाधान लोक अदालत के माध्यम से कराकर नियुक्तियों का रास्ता साफ कराया गया है। उन्होंने कहा कि जिन मामलों के निष्पादन में सामान्य प्रक्रिया के तहत वर्षों लग जाते हैं, उनका समाधान लोक अदालत में कुछ घंटों में संभव हो जाता है।

उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे लोक अदालत की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाएं ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। एसपी ने बताया कि पुलिस विभाग को 1700 से 1800 नोटिस प्राप्त हुए थे, जिन्हें पुलिस पदाधिकारियों द्वारा संबंधित लोगों तक पहुंचाया गया। साथ ही कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

Post a Comment

0 Comments